अगर आप आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहें हैं तो कीजिये यह प्रयोग

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विभिन्न शरीरिक व्याधियों ,दैवी आपदाओं और भौतिक सकंटों के निवारण में ‘हकीक’ बडा चमत्कारी प्रभाव दिखाते है । अपने गुण धर्म के लिए विख्यात ये रत्न न केवल भारतीय सस्ंकृति में, वरन यवन और अंग्रेजी सस्ंकृति में भी सम्मानित है। हिन्दी का अकीक उर्दू में हकीक और अंग्रेजी में अग्रेट के नाम से जाना जाता है।

भारत में यह पत्थर बहुत अधिक मिलता है। संसार में अन्य कई क्षेत्रो में भी यह प्रचुरता से सुलभ है। लाल, काले, पीले, सफेद, मिश्रित और हरे रंग में भी प्राप्त होने वाले इस चिकने और मोमी चमक वाले पत्थर का सौन्दर्य, सचमुच बडा मोहक होता है। कोई भी अकीक पहना जाए तो निश्चित है। उसे धारण करने वाले व्यक्ति भूतप्रेत, नजर, जादू-टोना तंत्र-मंत्र और शत्रुमय से सुरिक्षत रहता है।

शुद्ध अकीक सौभाग्यवर्धक होता है और इसे धारण करने वाला व्यक्ति प्रेम सम्मान भी पाता है। दरिद्रता निवारण में अकीक को प्रभावी रत्न की भांति पहना जाता है। कालिमायुक्त काला तथा गहरे श्यामवर्ण का एक अकीक बहुत ही चिकना और चमकीला होता है। इस पर प्रायः सफेद रंग के चक्रो या धारियों से घिरा हुआ यह पत्थर गौरी कहलाता है। इसके शिवलिंग विशेष रूप से पवित्र माने जाते है। इसको धारण करने से भी अकीक के समस्त गुणों का लाभ प्राप्त होता है।

हकीक पत्थर का तात्रिंक क्षेत्र में भी बहुत महत्व है। विभिन्न टोटकों एंव प्रयोगो में हकीक पत्थर का उपयोग बहुतायत से किया जाता है। हकीक पत्थर लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसलिए कहा गया है। कि जिसके घर में हकीक होता है। वह कभी द्ररिद्र नही हो सकता। हकीक पत्थरो का विभिन्न पूजा-पाठो, साधनाओं एंव उपासनाओं में उपयोग किया जाता है। नीचे हकीक पत्थर के कुछ महत्वपूर्ण प्रयोग दिए जा रहे है। जिन्हे दीपावली के पावन पर्व पर या किसी शुभ महूर्त में सम्पन्न कर भी आप लक्ष्मी की कृपा दृष्टि प्राप्त कर सकते है। लक्ष्मी को अपने यहाँ आमन्त्रण दे सकते है। आइए हकीक के कुछ लाभदायक प्रयोग करें-

जो व्यक्ति श्रेष्ठ धन की इच्छा रखता है उनको चाहिए कि हकीक पत्थर लेकर उसके ऊपर लक्ष्मी का चित्र या विग्रह स्थापित करें। तो निश्चय ही उसके घर में आर्थिक उन्नति होती ही रहती है।

  • यदि 11 हकीक पत्थर लेकर किसी मदिंर में चढा दें और कहें कि मैं अमुक कार्य में विजयी होना चाहता हूँ तो निश्चय ही उस कार्यो में विजय प्राप्त करता है।
  • यदि 11 हकीक पत्थर पर शत्रु का नाम लेकर यदि जमीन में गाड दें तो उसी समय में शत्रु का पतन प्रारम्भ हो जाता है।

किसी शुभ महूर्त पर लक्ष्मी पूजन के पश्चात एक हकीक पत्थर अपने दाएं हाथ की मुठठी में बंद कर लें और फिर “श्री” शब्द का 21 बार मानसिक जाप अर्थात मन में जाप करें और फिर इस पत्थर को अपने गल्ले में, बाक्स में, तिजोरी में रख दें। आप देखेगें कि नित्य प्रति आय की आवक बढ रही है।

ऐसे व्यक्ति जो आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहें हैं उन्हे तो यह प्रयोग अवश्य ही करने चाहिए। किसी शुभ महूर्त पर रात्रि में पूजा-उपासना करने के पश्चात एक हकीक माला लें और उससे 108 बार “ऊँ हीं हीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः ” मंत्र का जाप करें। इसके बाद इस माला को अपने पूजा घर में रखें अथवा महालक्ष्मी के चित्र में चढा दें। शीघ्र ही आप स्वंय को आर्थिक रूप से दृढ पाएगें।