न्याय और समानता की खोज “दांडी मार्च” की आज के दिन हुई थी शुरुआत

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पीएम मोदी ने दी महात्मा गांधी और उनके अनुयायियों को श्रद्धांजलि, 1930 में महात्मा गांधी ने की दांडी मार्च की शुरुआत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और उनके अनुयायियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने न्याय और समानता की खोज के लिए दांडी मार्च में हिस्सा लिया।

गौरतलब है कि साल 1930 में आज ही के दिन महात्मा गांधी और उनके अनुयायियों ने साबरमती आश्रम से दांडी मार्च की शुरुआत की थी और ब्रिटिश सरकार की ओर से नमक पर लगाए गए कर के खिलाफ़ मोर्चा खोला था। टवीट के माध्यम से दांडी मार्च पर प्रधानमंत्री मोदी ने बापू के आदर्शों और कांग्रेस की संस्कृति के प्रति उनके तिरस्कार पर एक आलेख भी साझा किया है।

12 Mar 1930 – 6 Apr 1930

महात्मा गाँधी और उनके स्वयं सेवकों द्वारा 12 मार्च, 1930 ई. को प्रारम्भ की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था- “अंग्रेज़ों द्वारा बनाये गए ‘नमक क़ानून को तोड़ना’।” गाँधी जी ने अपने 78 स्वयं सेवकों, जिनमें वेब मिलर भी एक था, के साथ साबरमती आश्रम से 358 कि.मी. दूर स्थित दांडी के लिए प्रस्थान किया।

लगभग 24 दिन बाद 6 अप्रैल, 1930 ई. को दांडी पहुँचकर उन्होंने समुद्रतट पर नमक क़ानून को तोड़ा। महात्मा गाँधी ने दांडी यात्रा के दौरान सूरत, डिंडौरी, वांज, धमन के बाद नवसारी को यात्रा के आखिरी दिनों में अपना पड़ाव बनाया था। यहाँ से कराडी और दांडी की यात्रा पूरी की थी। नवसारी से दांडी का फासला लगभग 13 मील का है।