देश या विदेश यात्रा के दौरान आपने ऐसा क्या देखा जो आपके लिए कल्चरल शॉक था?

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शुचि अग्रवाल (Shuchi Agrawal) बताती है मुझे सबसे ज्यादा कल्चरल शॉक फ्रांस में लगे। यहाँ मुझे जितने विदेशी कल्चर के शॉक लगे उतने ही शॉक मुझे भारतीय कल्चर के नए रूप के भी लगे जिससे भारत में रहते हुए मैं रूबरू नहीं हुई थी-

पहले विदेशी वाले कल्चरल शॉक

अपने घर की पहली लीज साईन करते समय वैवाहिक स्टेटस और बच्चों की विभिन्न अवस्थाओं के विकल्प देखकर लगा शॉक- फॉर्म फ्रेंच में होने से जब समझ नहीं आया तो एक द्विभाषी ने बताया यह विकल्प इस प्रकार हैं- लिव इन में हो, शादी शुदा हो, बच्चे आदमी के हैं, बच्चे औरत के हैं, बच्चे दोनों में से किसी के नहीं – बस गोद लिए हैं, दोनों बच्चे तुम दोनों से ही पैदा हुए हैं लेकिन बच्चे शादी से पहले पैदा हुए, या फिर पहले शादी हुई फिर बच्चे हुए।

फ्रांस में चलन है आप जब किसी से मिलते हैं तो दोनों लोग गाल से गाल सटा कर हवा में किस की आवाज निकालते हैं। फिर दूसरे गाल पर भी यही करते हैं। कुछ जगहों में दो दो बार ऐसे किया जाता है। दोस्तों या फिर पहली मुलाकात में भी आदमी औरतें सब एक दूसरे से ऐसे ही मिलते हैं। इसे फ्रेंच पैक (French peck) कहा जाता है। मैं सीधी सादी भारतीय नारी अपने पति के सिवाय किसी और आदमी के इतने पास आने के अहसास से ही असहज होकर पीछे हट जाती थी।

सुपर मार्केट में शॉपिंग कार्ट को अचानक ही बीच बाजार में रोककर जो कपल घड़ी-घड़ी फ्रेंच किस कर रहे हैं और फिर दो चार हफ्ते बाद आपको पता लगे कि यह तलाक ले रहे हैं।

हाई स्कूल के बाहर लड़के लडकियाँ एक दूसरे के गलबहियाँ डालकर लिप टू लिप किस कर रहे हैं।

जब प्ले टाइम पर मेरी नन्ही सी बच्ची के साथ खेल रहे एक दूसरे बच्चे की नाक बहते बहते मुहँ में जाने लगी और मैंने टिश्यू से उसकी नाक पोंछ दी तो उसके लिए मुझे एक विदेशी औरत ने चेताया कि यह मैंने गलत किया। बच्चे की माँ मेरे ऊपर इल्जाम लगा सकती है कि मैंने बच्चे की नाक को ज्यादा तेज दबा दिया या फिर यह भी हो सकता है कि बच्चे के कोई संक्रमण हो जो मुझे भी लग जाये…

देसी वाले शॉक जो भारतीयों ने मुझे दिए

  • जब विदेशी आदमी, विदेशी औरतों को फ्रेंच पैक करते और ग्रुप में उपस्थित भारतीय महिलाओं से हैण्डशेक तो वहां मौजूद भारतीय लड़कियां/महिलाएं औफेंसिव हो जातीं और उन्हें यह अपना अपमान लगता … उन्हें भी हैण्डशेक की जगह फ्रेंच पैक चाहिए था।
  • जब भारतीय महिलाओं/लड़कियों की ग्रुप मीटिंग (spouse introduction meeting) में परिचय के समय अगर आप किसी लड़की से भूल से उसके पति का नाम पूछ लो और वो नाराज होकर कहे कि वो मेरा पति नहीं है हम लिव इन में हैं। तब तक मुझे लिव इन की इतनी गहराई नहीं पता थी!
  • जब भारतीय महिलाओं के साथ लंच मीटिंग में पता लगे कि कल रात की पार्टी में दोनों पति पत्नी पीकर टुन्न थे और पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका क्योंकि गाड़ी ड्राइव करने की दोनों में से किसी की हालत नहीं थी।
  • जब औरतों की वीकेंड आउटिंग प्लानिंग के टाइम पर मैं कहूँ कि मैं अपने पति से बात करके बताऊँगीं और सो कॉल्ड मॉडर्न भारतीय महिलाएं मुझे बोलें कि मैं भारत से यूरोप तक आ गयी और आज भी अपने पति के आधीन हूँ ….

फ्रांस में मेरी एक अमेरिकन दोस्त थी जो मुझे रोज के रोज इन शॉक को लिखने की सलाह देती थी। कहती थी अपने अनुभव पर एक किताब लिख लो। वाकई लिखती जाती तो अब तक किताब बन ही गयी होती। बस लिस्ट बहुत लम्बी है अभी के लिए इतना ही!