प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान

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प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) भारत सरकार के डिजिटल इंडिया उपक्रम का एक अभिन्न अंग है,जिसमें भारत के 6 करोड़ ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने की परिकल्पना की गई है। यह योजना डिजिटल डिवाइड के मुद्दे को बताने के साथ डिजिटल साक्षरता के महत्व को हाइलाइट करती है।

इस योजना से डिजिटल वित्तीय लेनदेन और सूचना, ज्ञान और को बढ़ावा मिलता है जो डिजिटल रूप से समाज को सशक्त बनाने के लिए अग्रणी है। ग्रामीण नागरिकों को समान अवसर प्रदान करने के लिए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने और डिजिटल प्रौद्योगिकी, उपकरणों और सेवाओं के माध्यम से आजीविका की सुविधा प्रदान करने के लिए है।

PMGDISHA का लक्ष्य

  • ग्रामीण भारत के 6 करोड़ नागरिकों को दो साल के भीतर बेसिक डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए योजना को फरवरी 2017 में शुरू किया गया, योजना के तहत हर घर से कम से कम एक व्यक्ति को लक्षित करने की योजना है।
  • PMGDISHA के तहत प्रशिक्षित नागरिकों को कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्ट फोन जैसे डिजिटल उपकरणों के संचालन में कुशल बनाने और उन्हें अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए है ताकि वे अपने दैनिक जीवन में इंटरनेट का इस्तेमाल करके सरकार की नागरिक सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, और वित्तीय सेवाओं का उपयोग कर सकें।
  • योजना का उद्देश्य नागरिकों के बीच डिजिटल वित्तीय लेनदेन को सक्षम करने के लिए ध्यान केंद्रित करना है। आधार संख्या को लाभार्थी के बैंक खाते से जोड़ने से पहले ही नागरिकों को विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ प्रदान की जाएंगी जैसे कि रेलवे टिकट की बुकिंग, पासपोर्ट का आवेदन आदि। सक्रिय रूप से प्रशासन में प्रशिक्षण के बाद नागरिकों को तकनीक लाभ उठाने और भाग लेने में सक्षम बनाना है।

कार्यान्वयन विवरण

  • प्रत्येक पंचायत (2.5 लाख प्रशिक्षण केंद्र) में योजना का कार्यान्वयन प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है।
  • CSR और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा वाले कॉर्पोरेट जगत द्वारा इस योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है।

डिजिटल साक्षरता अभिनन्दन समरोह

  • लगभग 7000 प्रशिक्षण केन्द्रों के सीएससी और वीएलई-ऑपरेटर (सामान्य सेवा केन्द्र – ग्राम स्तर के उद्यमी) 7 अक्टूबर 2017 को गांधीनगर में “डिजिटल साक्षरता अभिनन्दन समरोह” में भाग ले रहे हैं।
  • सभी सामान्य सेवा केंद्र (2.6 लाख),गांधीनगर में कार्यक्रम का प्रसारण करके स्थानीय नागरिकों को एकत्र करेंगे।

सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) और डिजिटल इंडिया

  • सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) “डिजिटल इंडिया” पहल के अभिन्न अंग हैं।
  • सीएससी,आईसीटी ग्रामीण स्तर पर सरकार की फ्रंट-एंड सेवा वितरण बिंदुओं को सक्षम करती है।कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, FMCG उत्पाद, बैंकिंग, बीमा, पेंशन,और बिल भुगतान आदि के क्षेत्रों में सरकार वित्तीय, सामाजिक और निजी क्षेत्र की सेवाएं प्रदान करेगी।
  • सीएससी केंद्र एक गांव स्तर के उद्यमी (व्हीएलई) द्वारा प्रबंधित और संचालित किया जाता है।
  • पुरे देश में 2.6 लाख सीएससी हैं और 4 से 5 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने के साथ प्रत्येक सीएससी 90% महिलाओं द्वारा प्रबंधित और संचालित किया जाता है।

प्रगति कितनी दूर

डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण के लिए PMGDISHA पोर्टल पर पंजीकृत 55 लाख से अधिक नागरिकों में, 22 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक आकलन पूरा करके प्रमाणित किया गया है।