पंचायत चुनाव ड्यूटी में मृत कर्मियों के परिवारों को कम्पनसेशन और एक सदस्य को नौकरी देगी योगी सरकार

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लखनऊ. कोविड-19 प्रबंधन के लिए उत्‍तर प्रदेश में गठित टीम-09 के साथ एक अहम बैठक में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कई अहम मसलों पर बातचीत कर दिशा-निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि हर एक मृत्यु दुःखद है और राज्य सरकार की संवेदनाएं प्रत्येक कर्मचारी व उसके परिजनों के प्रति हैं. चुनाव ड्यूटी करने वाले जिन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रोजगार सेवकों, पुलिस कर्मियों व प्रत्येक वह कर्मचारी, जिसकी इलेक्शन ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई या जो उस दौरान कोरोना से संक्रमित हुआ और बाद में मृत्यु हो गई, राज्य सरकार, राज्य इलेक्शन कमीशन की गाइडलाइंस के नियमानुसार उनके परिवार को कम्पनसेशन देगी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी.

सीएम ने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के साथ प्रदेशवासियों के जीवन और जीविका की सुरक्षा हेतु किये जा रहे प्रयासों के संतोषप्रद परिणाम मिल रहे हैं. एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के बाद भी नए केस लगातार कम हो रहे हैं, जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है. बीते माह 30 अप्रैल को प्रदेश में लगभग 03 लाख 10 हजार 783 कोरोना मरीज थे, जबकि लगातार प्रयासों से आज 1,16,434 एक्टिव केस ही हैं। 20 दिनों में प्रदेश के एक्टिव केस में 62.5 फीसदी की कमी आई है, जबकि वर्तमान में रिकवरी दर 91.8 फीसदी हो गई है.

अब तक 15,16,508 प्रदेशवासी कोविड की लड़ाई जीत कर आरोग्यता प्राप्त कर चुके हैं। 24 अप्रैल को एक दिन में 38055 नए संक्रमण के मामले मिले थे, लेकिन लगातार प्रयासों से संक्रमण की तीव्रता मंद हुई है. इनमें बीते 24 घंटों में 6725 नए केस आये हैं जो कि 24 अप्रैल के सापेक्ष 31330 कम हैं. 24 घंटे में 13590 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं.

एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के अनुरूप विगत 24 घंटों में प्रदेश में 02 लाख 91 हजार 156 टेस्ट किए गए. गांवों को कोरोना से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित वृहद टेस्टिंग अभियान के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं. आरआरटी की संख्या और बढ़ाये जाने की दिशा में काम किया जाए. प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाये जाने की कार्यवाही तेज की जाए. सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है.

वर्तमान में 82,801 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं. इनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए. चिकित्सकों की संख्या, फोन लाइन की संख्या में बढ़ोतरी की जरूरत है. निगरानी समितियों के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों और जरूरत के अनुसार उनके परिजनों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए.

कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया प्रदेश में सुचारु रूप से चल रही है. 45 वर्ष से अधिक और 18-44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड सुरक्षा कवर प्रदान करने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है. अब तक 01 करोड़ 56 लाख 46 हजार 459 कोविड वैक्सीन एडमिनिस्टर हुए हैं. प्रदेश के 23 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग के 1,07,234 लोगों के कल हुए टीकाकरण के साथ अब तक इस आयु वर्ग के 7,46,875 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त कर लिया है.

सभी नागरिकों का वैक्सीनेशन निःशुल्क है। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित हो, इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था लागू की गई है. निरक्षर, दिव्यांग, निराश्रित, श्रमिक अथवा अन्य जरूरतमंद लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर टीकाकरण पंजीयन की सुविधा प्रदान कराई गई है. यह कार्य प्रारंभ हो गया है. कॉमन सर्विस सेंटर पर वैक्सीन पंजीयन निःशुल्क है. इसकी दैनिक मॉनीटरिंग की जाए.

ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च में संतुलन बनाने के लिए कराए जा रहे ऑक्सीजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं. बीते 24 घंटों में 886 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है. 299 मीट्रिक टन मेडिकल कॉलेजों में आपूर्ति की गई तो रीफिलर को 492 एमटी ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई. ऑक्सीजन की आपूर्ति को बेहतर करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, वाराणसी आदि क्षेत्रों में ऑक्सीजन ट्रेन लगातार भेजी जा रही है.

गांवों और शहरी वार्डों में गठित निगरानी समितियों की प्रदर्शन सराहनीय है. घर-घर स्क्रीनिंग से लेकर मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराने, उनकी टेस्टिंग सुनिश्चित कराने सहित सभी जरूरी कार्य यह कुशलता पूर्वक कर रही हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गांव-गांव टेस्टिंग की हमारी नीति को सराहा है. कतिपय जिलों में मेडिकल किट वितरण में देरी की जानकारी मिली है, स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से ऐसे जिलाधिकारियों से संवाद कर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए.