विश्व रक्तदान दिवस : रक्तदान ही है महादान, दूसरों का जीवन बचाने में सुख मिलता है – योग गुरु महेश अग्रवाल

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आदर्श योग आध्यात्मिक केंद्र स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड़ भोपाल के संचालक योग गुरु महेश अग्रवाल कई वर्षो से निःशुल्क योग प्रशिक्षण के द्वारा लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखा रहें है, वर्तमान में भी ऑनलाइन माध्यम से यह क्रम अनवरत चल रहा है | योग प्रशिक्षण के दौरान केंद्र पर योग साधकों को सेवा कार्यों के लिए हमेशा प्रेरित किया जाता है एवं योग आसन प्राणायाम के अभ्यास से कैसे हमारी रक्त संचार प्रणाली सही काम करती है रक्त चाप ठीक रहता है एवं रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है,इसके बारे में बताया जाता है |

विश्व रक्त दान दिवस के अवसर पर योग गुरु अग्रवाल ने सभी को रक्त दान का संकल्प दिलाते हुए कहा कि जीवन का सही आंनद, सुख और महत्व तभी है जब यह किसी के काम आ सकें, इसका सीधा व सरल माध्यम रक्तदान है। उससे हम दूसरे का जीवन बचा सकते हैं। रक्तदान ही है महादान, दूसरों का जीवन बचाने में सुख मिलता है। रक्तदान के सम्बन्ध में चिकित्सा विज्ञान कहता है, कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच हो, जो 45 किलोग्राम से अधिक वजन का हो और जिसे कोई गंभीर बीमारी न हुई हो, वह रक्तदान कर सकता है।

विश्व रक्तदान दिवस  14 जून  मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वैच्छिक रक्तदान नीति की नींव डाली है। संगठन ने यह लक्ष्य रखा था कि विश्व के प्रमुख देश अपने यहाँ स्वैच्छिक रक्तदान को ही बढ़ावा दें। उद्देश्य यह था कि रक्त की ज़रूरत पड़ने पर उसके लिए पैसे देने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए, एक नॉर्मल व्यक्ति के शरीर में 10 यूनिट यानी 5 से 6 लीटर ब्लड होता है. ‘O नेगेटिव’ ब्लड ग्रुप यूनिवर्सल डोनर कहलाता है, इसे किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को दिया जा सकता है.

पुरुष 3 महीने और महिलाएं 4 महीने के अंतराल में नियमित रक्त दान कर सकती हैं.- अगर कभी रक्त दान के बाद आपको चक्कर आना, पसीना आना, वजन कम होना या किसी भी अन्य प्रकार की समस्या लंबे समय तक बनी हुई हो तो आप रक्त दान ना करें. -रक्त दान से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। खून पतला होता है, जो कि हृदय के लिए अच्छा होता है।

एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित रक्त दान से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। शरीर में आयरन की मात्रा सही बनी रहती है। वजन घटाने में भी मदद मिलती है। इस दौरान लगभग 450 मिलीलीटर ख़ून आपके शरीर से निकाला जाता है और सेहतमंद व्यक्ति इतना रक्त 24 से 48 घंटों में फिर से बना लेता है.

योग अभ्यास रेड ब्लड सेल की संख्या को दो तरह से बढ़ाने में मदद करता है एक प्राणायाम से और दूसरा आसन से।सूर्येभेदन, शीतली प्राणायाम,अनुलोमविलोम,कपालभाति जैसे प्राणायाम रक्त परिसंचरण को बढ़ाते हैं और पूरे परिसंचरण प्रणाली के कार्य में सुधार करते हैं।आसन अभ्यास जिसमें त्रिकोणासन , सर्वांगासन, पश्चिमोत्तानासन , उत्तानपादासन,विपरीतकरणी आसन , सूर्य नमस्कार, योग मुद्रा जैसे आसन हैं।

दुनियाभर में एक आम समस्या बन गयी है और यह विशेष रूप से महिलाओं को प्रभावित करती है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि भारत में विशेष रूप से महिलाओं में एनीमिया सबसे ज़्यादा पाया जाता है। एनीमिया में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का स्तर कम हो जाता है जिससे शरीर में खून की कमी पैदा होती है।

हीमोग्लोबिन का काम शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन ले जाना होता है। यदि आपके रक्त में कम या असामान्य लाल रक्त कोशिकाएं हो या आपका हीमोग्लोबिन कम या असामान्य हो तो आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। ऐसी स्थिति में आपके फेफड़ो और हृदय को रक्त से ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन इसका इलाज उचित भोजन, सही उपचार और  योग  एवं  प्राणायाम के अभ्यास की मदद से किया जा सकता है।

रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी का जीवन बचा सकता है। रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है, इसका अहसास तब होता है, जब हमारे किसी अपने को रक्त की जरूरत पड़े। ऐसे ही अहसास के बाद जिम्मेदार बने युवा अब अनजानों का जीवन बचाने में भी पीछे नहीं है।