पंचायत चुनाव : जानें किस जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट किसके लिए हुई आरक्षित

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लखनऊ. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया जारी कर दी गई है. जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों का आरक्षण तय कर दिया गया है. जिले के प्रथम ना​गरिक अर्थात जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की सूची जारी होते ही कई नेताओं के अरमान पर पानी फिर गया, क्योंकि उनके मनमुताबिक आरक्षण नहीं जारी हुआ.

प्रदेश की राजधानी में कई नेता निगाह लगाये थे यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आ​रक्षित की गई है. कई लोग जो स्वयं नहीं लड़ पाएंगे वे तो अपने ‘मोहरों’ को मैदान में उतारेंगे. इस आरक्षण पर आठ मार्च तक आपत्ति मांगी गई है. उप्र शासन ने त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव की अनंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी है.

इस प्रस्‍तावित सूची पर आठ मार्च तक आपत्तियां मांगी गई है. अंतिम सूची का प्रकाशन 13 एवं 14 मार्च को किया जाएगा. अपर मुख्‍य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने सभी 75 जिलों में जिला पंचायत अध्‍यक्ष, 826 विकास खंडों में प्रमुख के आरक्षण की सूची जारी कर दी है.

जिपं अध्यक्ष कौना सा जिला किसके लिए हुआ आरक्षित:

अनुसूचित जाति महिला: शामली, बागपत, लखनऊ, कौशांबी, सीतापुर, हरदोई.

अनुसूचित जाति: कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, मिर्जापुर.

ओबीसी महिला: संभल, हापुड, एटा, बरेली, कुशीनगर, वाराणसी, बदायूं.

ओबीसी: आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा ,ललितपुर, अंबेडकरनगर, पीलीभीत, बस्ती, संतकबीरनगर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर

महिला: कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मऊ, प्रतापगढ़, कन्नौज, हमीरपुर, बहराइच, अमेठी, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र.

अनारक्षित: अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, उन्नाव, संतरविदासनगर भदोही.

इस तरह तय होगा आरक्षण :

  • इस बार चुनाव में रोटेशन आरक्षण लागू किया जाएगा. वर्ष 1995 से 2015 तक हुए पांच चुनावों को आरक्षण का आधार माना जाएगा.
  • जो पंचायतें अभी तक एससी के लिए आरक्षित हुईं और ओबीसी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं वे अब ओबीसी के लिए आरक्षित होंगी.
  • जो पंचायतें अभी तक ओबीसी के लिए आरक्षित होती रहीं और एससी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं वे पंचायतें अब एससी के लिए आरक्षित होंगी.
  • महिलाओं का 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा.

जानें त्रिस्तरीय पंचायत को

  • ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों का गठन किया गया है. जिले की सबसे बड़ी पंचायत को जिला पंचायत होती है. इसके बाद क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत होती हैं.
  • जिला पंचायत: यह जिले की सबसे बड़ी पंचायत होती है. पहले जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव होता है. यही सदस्य अपना अध्यक्ष चुनते हैं.
  • क्षेत्र पंचायत: क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चयन क्षेत्र पंचायत सदस्यत करते हैं. जनता क्षेत्र पंचायत सदस्यों को चुनती है. इसके बाद सभी सदस्य प्रमुख को मत देते हैं.
  • गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायत का गठन होता है. इस प्रमुख प्रधान होता है. ग्राम पंचायत सदस्य नियमित बैठक कर विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाते हैं.