जब रिश्तेदारों ने कांधा और मुखाग्नि देने से किया इनकार, तो 400 किलोमीटर चलकर आया मुस्लिम दोस्त ने दी मुखाग्नि

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प्रयागराज. एक बात कही जाती है कि जिसे सच्चा दोस्त मिल जाए उसे इस दुनिया में किसी और चीज की क्या जरूरत है. यह बात प्रयागराज में सच भी साबित हुई है. दरअसल, हाईकोर्ट में ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पद पर तैनात एक व्यक्ति की जब मौत हुई तो रिश्तेदारों ने कांधा और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया लेकिन तब उनके मुस्लिम दोस्त ने न सिर्फ उन्‍हें कांधा दिया बल्कि मुखाग्नि भी दी. इसके लिए वो 400 किलोमीटर का रास्‍ता तय करके अपने दोस्‍त के पास पहुंचे थे.

जानकारी के मुताबिक जयंतीपुर प्रीतनगर निवासी हेम सिंह के परिवार के परिवार में कोई नहीं था. कुछ वर्ष पहले इकलौती बेटी और पत्‍नी का निधन हो चुका था. 19 अप्रैल को कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद इटावा में रहने वाले उनके दोस्त चौधरी सिराज अहमद ने फोन पर बात की और सिविल लाइंस के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती करवाया. इसके लिए सिराज अहमद ने दो लाख रुपये ऑनलाइन जमा भी कराए. शुक्रवार को हेमसिंह की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई. जब सिराज अहमद को ये जानकारी हुई तो वो तत्काल प्रयागराज के लिए रवाना हो गए.

हालांकि 400 किलोमीटर के सफर तय करने में कई घंटे लग गए और वह रात करीब 9:30 बजे अपने दोस्त हेम सिंह के पास पहुंचे. शनिवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए सिराज ने कई रिश्तेदारों को फोन लगाए. सिराज ने बताया कि उन्होंने 20 रिश्तेदारों को फोन किया लेकिन कोई डर के मारे कांधा देने के लिए तैयार नहीं था और ना ही मुखाग्नि देने के लिए. सिराज.ने खुद सच्ची दोस्ती निभाते हुए अपने दोस्त हेेम सिंह को कांधा दिया. उन्होंने एंबुलेंस और दो युवकों की मदद से फाफामऊ स्थित घाट लेकर हेम सिंह का शव पहुंचे और मुखाग्नि दी. बताया जा रहा है कि सिराज प्रीतमनगर में हेेम सिंह के घर पर ही रुके हैं.

बताया जा रहा है कि जब सिराज को इस बात की जानकारी हुई कि उनके दोस्त हेम सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे तब वो इटावा से आगरा के लिए जा रहे थे. दरअसल उनकी बहन की सास का स्वर्गवास हो गया था और वह उनके जनाजे में शामिल होने जा रहे थे लेकिन जब दोस्त की मौत की खबर सुनी है तो सिराज ने उस सफ़र को वहीं रोक दिया और अपने दोस्त अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए व हां से रवाना हो गए. हेम सिंह की पूर्व डीजीपी आनंद लाल बनर्जी की सगी बहन माला बनर्जी से शादी हुई थी. वह हाईकोर्ट में ज्‍वाइंट रजिस्टर थे.