सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर लापरवाही करने वाले अफसरों की खैर नहीं: सीएम

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सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को लेकर लापरवाही करने वाले अफसरों की खैर नहीं है। खासतौर पर कलेक्टर ने इसको लेकर सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने अधीनस्थों को साफ कर दिया है कि डैशबोर्ड पर लंबित दिखाई दे रही शिकायतों को ही अपनी माना जा रहा है जो सही नहीं है। लेवल पर आने वाली शिकायतों का निराकरण भी हमें ही करना है।

आम जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने हेल्पलाइन १८१ शुरू की। इसमें समस्या के निराकरण को लेकर चार लेवल बनाए गए जो आखिर में मुख्य सचिव तक पहुंचती हैं। अब तो जनसुनवाई को भी सीएम हेल्पलाइन से जोड़ दिया गया है जिसकी प्रदेश के आला अफसर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। इधर, कलेक्टर निशांत वरवड़े ने इंदौर की शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति को देखते हुए अपना रुख खासा सख्त कर दिया है।

कलेक्टर निशांत वरवड़े ने हाल ही में सभी अफसरों को पत्र लिखकर गलतियों का अहसास कराया। कहा गया कि सीएम हेल्पलाइन १८१ पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों में आप अपने डैशबोर्ड को ओपन कर उसकी कार्रवाई कर रहे हैं उन्हें ही अपने से संबंधित शिकायत मान रहे हैं जो सही नहीं है।

पोर्टल पर एनालिटिक्ल्स डैशबोर्ड, ऑफिसर लेबल रिपोर्ट में एल१, एल२, काउंट, एल१, निर्धारित समय सीमा से बाहर हो चुकी शिकायतें, एमआयएस, रिपोर्ट में सभी स्तर पर उलब्ध विकल्प में मान्य के लिए लंबित, कार्य प्रगति पर व अमान्य की गई शिकायतों का आपको ही अवलोकन करना है। एट्रीब्यूट्स को चेक कर लंबित शिकायतों का परीक्षण कर निराकरण किया जाए जो आपके द्वारा नहीं किया जा रहा है जिससे पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।