“हम कुकीज़ का इस्तेमाल करते हैं आपको कोई आपत्ति तो नहीं”, तो इसका तात्पर्य क्या है?

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ये एक तकनीक संबंधी उत्तर है। लेखक कुकी बनाता और पकाता दोनों है तो मजेदार बनाने की पूरी कोशिश रहेगी। प्रश्नकर्ता का आशय शायद किसी वेबसाइट के होमपेज के खुलने पर कोने से निकलकर झांकते एक छोटे से पॉपअप से है।

कोई अवधारणा बनाने से पहले ये जान लीजिए कि कुकी हमेशा बुरी नहीं होती। इंटरनेट के अनुभव को बढ़िया भी बनाती हैं और आपका समय भी बचाती हैं। कोई-कोई प्यार से भी बिस्कुट खिलाता है। आपकी पसंद की।

अब पांडेय जी आदत से मजबूर होकर आपको कुकी खिलाएंगे! बोले तो किस्सा सुनाएंगे।

आपका पांडे भाऊ गया पड़ोस वाले मिश्रा जी के यहाँ। क्यों? नही बताऊंगा प्राइवेट है। खैर अपनों से क्या छुपाना, मिश्र जी का कपड़ों का बढ़िया व्यापार है। कपड़ों के बारे में जानकारी लेने गया था।

मिश्र जी ने स्वागत किया। आओ.. आओ पांडेय जी। बड़े दिन बाद दिखे बाबू। आओ।

अभी पांडेय जी बस एक मिनट के काम के लिए ही गए थे। लेकिन मिश्र जी ने शर्त रख दी की आये हो तो चाय-बिस्कुट खा के जाना।

बातें शुरू हुई, चाय-बिस्कुट आ भी गयी। इस दौरान अपने मिश्र जी ने पहले तो यहां वहां की बातें बताई, फिर पांडेय जी के आगमन का कारण पूछ के जिज्ञासा का निवारण भी कर दिया और बाकी बातें और नया समान दिखाने लगे। जो-जो भी माल पांडेय जी को पसंद आया, उसे फटाफट अपनी याददाश्त में सुरक्षित कर लिया। सत्रह बातें और पूछ ली। पांडेय जी कुकी खाते हुए अनजाने में सब बकते गए।

चाय-बिस्कुट खत्म! काम खत्म! पांडेय जी घर पे!

अगले दिन से मिश्र जी ने प्राण पीना चालू कर दिया।

…आपके साले साहब की शादी है ना.. मस्त साड़ी आयी है भाभी के लिए।

….अरे पांडेय जी नए ब्लेज़र आये है। देख जाओ। आपकी मीटिंग है ना

….पिताजी आये क्या गांव से… मस्त कुर्ते-पैजामे आये है।

अरे यार मिश्र ने दो बिस्कुट खिलाया और बदले में जान खा रहा है!

यहाँ तक आदमी फिर भी सहन कर ले। लेकिन अगर अचानक आपको राह चलते लोग टोकने लगें की..

…पांडेय जी साले की शादी है। हमारी केटरिंग सर्विसेज ट्राय करो न।

….अपनी सलहज को दीजिये हीरे का अनुपम उपहार.. आपका सैनी सुनार

मिश्रा.. दुष्ट सारी दुनिया में पोंगा बजा आया कि मेरे घर मे क्या चल रहा है।

अब तकनीकी बातें!

  • जब तक सिर्फ मिश्र जी जान खा रहे थे तो उन्होंने अपनी बिस्कुट खिलाई थी। बोले तो फर्स्ट पार्टी कुकी!
  • अब गांव भर के लोग जान खा रहे हैं, उसका मतलब थर्ड पार्टी कुकी। निगोड़े मिश्र ने सबको बक दिया कि क्या चल रिया है पांडे के जीवन में।
  • इंटरनेट पर दिखने वाले वेब-पेज आपके उस वेब-पेज को विजिट करते ही आपको कुकी ऑफर करते हैं। ये कुछ और नहीं बल्कि एक टेक्स्ट फ़ाइल होती है जो आपके अपने कंप्यूटर, फोन या टेबलेट में सुरक्षित हो जाती है।
  • आपकी रुचि और आवश्यकता जैसी कई बातें ये कुकी जमा कर लेती हैं और फिर इसके अनुसार आपको विज्ञापन दिखाए जाते हैं या आपकी पसंद या नापंसद के अनुसार उस वेब पेज का कंटेंट।
  • अब इन मिश्र जैसों से निजात कैसे पाए आदमी?

तो, निजता के अधिकार के लिए बना GDPR बोले तो जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन। ये यूरोपीयन यूनियन का तगड़ा कानून है और इसे तोड़ने पर आपको इतना जुर्माना भरना पड़ सकता है कि आपके दाल-रोटी के वांदे हो जाएं। तो, इन्होंने ही हमारे जैसे प्रोग्रामर लोगों के लिए ये नियम बनाया की कुकी परोसना है, ठूसने का काम नही।