पाकिस्तान में हिंसा के बीच हुआ मतदान

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हिंसा के बीच पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए हुआ मतदान, क्वेटा के आत्मघाती हमले और अन्य चुनावी हिंसा में करीब 34 लोगों की मौत। पाकिस्तान में नई संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव के सिलसिले में वोट डाले जा रहे हैं। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला।

मुख्य मुकाबला शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज, क्रिकेटर से राजनीति में आए इमरान खान की पाकिस्तान तहरीके इंसाफ और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के बीच है। मतदान पूरा होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि मतदान पूरा होने के 24 घंटे के भीतर नतीजे सामने होंगे।

पाकिस्तान के 70 साल से भी ज्यादा के इतिहास में ये दूसरी बार है जब लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सत्ता के हस्तांतरण के लिए चुनाव हो रहे हैं। हालांकि चुनाव घोषित होने के बाद से ही मीडिया के खिलाफ पाकिस्तान में व्यापक कार्रवाई हुई और ये आरोप भी लगे कि सेना राजनीतिक विपक्षियों को निशाना बना रही है।

1947 में अस्तित्व में आने के बाद करीब चार दशक तक पाकिस्‍तानी सेना ने कई बार तख्ता पलट के जरिए सत्‍ता हथिया कर पाकिस्तान पर राज किया है। इस बार के चुनाव में आतंकवादी गुटों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने को लेकर भी काफी विवाद रहा।

ऐसे उम्मीदवारों में मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने वाले हाफिज सईद के नेतृत्व वाले प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के उम्मीदवार भी शामिल हैं। हाफिज सईद का बेटा और दामाद भी चुनाव लड़ रहे हैं। पाकिस्तान में चल रहे आम चुनाव के बीच क्वेटा शहर में एक मतदान केंद्र के बाहर आत्मघाती विस्फोट में 28 लोगों के समेत देश के अन्य हिस्सों में हिंसा की कई घटनाओं में कम से कम 31 लोग मारे गए और 36 अन्य घायल हो गए।

देश के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा के ईस्टर्न बाइपास के समीप एक पुलिस वैन को निशाना बनाते हुए आत्मघाती विस्फोट किया। क्वेटा बलूचिस्तान प्रांत की प्रांतीय राजधानी है। इसके अलावा खैबर पख्‍तूनख्‍वा के स्‍वाबी जिले में प्रतिद्वंदी पार्टियों के समर्थकों ने एक मतदान केन्‍द्र के बाहर एक दूसरे पर गोलियां चलाई, जिसमें तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी का एक कार्यकर्ता मारा गया और दो घायल हो गये।