प्रयागराज : मत बराबर होने पर ये प्रत्याशी टॉस में हार गया प्रधानी का चुनाव

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना सुबह आठ बजे से ही चल रही है. दोपहर बाद प्रधान पद के परिणाम आना शुरू हो गए. कई जिलों में ऐसे चौकाने वाले परिणाम सामने आए. प्रयागराज में तो एक सीट पर मत बराबर हो गया. इसके बाद टॉस का सहारा लिया गया. टॉस में जीते भुंवरलाल को विजयी घोषित कर ग्राम प्रधान का सर्टिफिकेट दे दिया गया. वहीं हारे प्रत्याशी को बेहद मलाल हुआ. वहीं दूसरा मामला कन्नौज से है. यहां दोनों प्रत्याशियों के वोट बराबर आने पर पर्ची से फैसला किया गया.

चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी क्या न क्या नहीं करते. पैसे से लेकर समय भी खूब खर्च करना पड़ता है. प्रत्याशी दिनरात मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए मेहनत करता है. जनता भी भरपूर वोट दे लेकिन जब परिणाम आपके हक में न आए तो कितना दुख होता है. ऐसा ही एक मामला प्रयागराज एक गांव में देखने को मिला.

प्रयागराज में सोरांव के करौदी गांव सभा यूपी का पहला ऐसा रिजल्ट दे गया जहां टॉस का सहारा लेना पड़ा. यहां राजबहादुर और भुंवरलाल दोनों को 170—170 वोट मिले. जब वोट बराबर—बराबर मिले तो प्रत्याशियों ने दोबारा से वोटों की गिनती कराने को कहा. अधिकारियों ने दोबारा से गणना कराई तो फिर से दोनों प्रत्याशियों को 170—170 वोट मिले. इसके बाद आरओ सुरेश चंद्र यादव ने दोनों के बीच टॉस कराया. टॉस भुंवरलाल के पक्ष में गिरा और उन्हें विजयी घोषित कर दिया.

भुंवरलाल टॉस जीतकर करौंदी के प्रधान बन गए. ये परिणाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया. टॉस से प्रधानी का चुनाव हारे राजबहादुर ने कहा कि ये जनता ने नहीं टॉस ने हरा दिया. अब इसे तो भाग्य ही कह सकते हैं. हमने खूब मेहनत की और जनता ने भी वोट दिए लेकिन इस बार प्रधानी नसीब में नहीं थी. वहीं भुंवरलाल ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि जनता के साथ भाग्य ने भी साथ दिया. इस तरह चुनाव परिणाम का फैसला होगा, पता नहीं था.

कन्नौज में वोट बराबर—बराबर निकले तो फैसला पर्ची से हुआ

कन्नौज ब्लॉक की कन्नौज-कछोहा ग्राम सभा के लिए हुई मतगणना में दो मौजूदा प्रधान अरविंद कुमार और विकास कुमार को बराबर—बराबर 449 वोट मिले. दोबारा गिनती हुई तो भी वोटों की संख्या उतनी ही रही. आखिर में दोनों प्रत्याशियों क सहमति से पर्ची से नतीजा जारी करने पर बात बनी. अधिकारियों की उपस्थिति में गांव से प्रिया नाम की बच्ची को बुलाकर पर्ची को निकलवाया गया. प्रिया ने जब पर्ची को निकाला तो उसमें नाम विकास कुमार का निकला. इस तरह पंचायत के प्रधान पद के लिए विकास कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया.