ऑपरेशन लोटस से सहम गई कांग्रेस : सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान

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जबलपुर। कर्नाटक की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी सियासी नाटक शुरू हो चुका है. मंगलवार देर रात हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है, वहीं लापता विधायक केपी सिंह को लेकर हलचल थी कि, उनका पता नहीं तल रहा है, जिनका लोकेशन उनके विधानसभा क्षेत्र में चल रहा है |

हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर राज्यसभा सांसद विवेक तंखा पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वर्चस्व की लड़ाई को छोड़ना पड़ेगा, जिस प्रकार से स्थिति बनी है उसमें कॉन्ग्रेस की लीडरशिप को आगे आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को गिराने की हर संभव कोशिश कर रही है ऐसे में अब कांग्रेस अपने लोगो को समझाए और जो चले गए है उन्हें वापस लाये क्योकि कोई भी विधायक भाजपा में जाने को तैयार नही है।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि ऑपरेशन लोटस की पहले से ही जानकारी थी पर कांग्रेस इसे भाँप नही पाई। विवेक तंखा ने कहा कि कांग्रेस में जो कुछ भी हो रहा है वो असन्तोष के कारण हो रहा है अब समय आ गया है कि जो भी नाराज है उसे मना ले और असन्तोष दूर किया जाए।

इधर हॉर्स ट्रेडिंग का वीडियो सामने आने पर विवेक तंखा ने कहा कि इसको लेकर प्रदेश सरकार को एफआईआर भी दर्ज करानी चाहिए। अंत मे उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में आल इंडिया कांग्रेस कमेटी जल्द ही बड़ा कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि जो कुछ हो रहा है वो राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है पर कोई कुछ भी करे कांग्रेस की जड़ प्रदेश में बहुत मजबूत है।

क्या कहता है विधानसभा का नंबर गेम?
विधायकों को तोड़ने की कोशिश के चलते कमलनाथ सरकार की नींद उड़ी हुई है। बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन होने से वर्तमान में 228 सदस्य हैं। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। इसके अलावा 4 निर्दलीय विधायक, 2 बीएसपी (एक पार्टी से निलंबित) और 1 एसपी विधायक का भी समर्थन मिला हुआ है।

इस तरह कांग्रेस को फिलहाल 121 विधायकों का साथ है वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा 116 है। अगर ये 10 विधायक पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो विधानसभा में बीजेपी का आंकड़ा 117 यानी बहुमत से एक सीट अधिक हो जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकार के गिरने का खतरा मंडरा रहा है।