ग्राम सहायक और पंचायत सचिव करेंगे गरीबों को खाद्यान्न का वितरण, कार्य बाधित करने वालों पर होगी एफआईआर

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राशन वितरण और किसानों के पंजीयन की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार, कार्य बाधित करने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश, लोकसेवा केन्द्रों एवं एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर में भी होगा किसानों का पंजीयन 

जबलपुर। सेवा सहकारी समितियों और सहकारी उपभोक्ता भंडारों के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को राशन के वितरण तथा गेहूं उपार्जन हेतु किसानों के पंजीयन की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली गई है। गरीबों को उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न का वितरण जहां ग्राम सहायक, पंचायत सचिव एवं अन्न उत्सव के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के माध्यम से किया जायेगा। वहीं किसानों के पंजीयन का कार्य अब जिले में स्थित सभी एमपी ऑनलाइन कियोस्क और कॉमन सर्विस सेंटर में भी किया जायेगा।

यह जानकारी आज रविवार को अपर कलेक्टर संदीप जीआर की अध्यक्षता में आयोजित की गई अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, खाद्य विभाग तथा उपार्जन व्यवस्था से जुड़़े अधिकारियों एवं लोकसेवा केन्द्र प्रबंधकों की बैठक में दी गई। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ रितु बाफना भी मौजूद थीं। अपर कलेक्टर संदीप जीआर ने बैठक में गरीबों को राशन वितरण और किसानों के पंजीयन की इस वैकल्पिक व्यवस्था में व्यवधान पैदा करने वाले सोसायटी कर्मचारियों एवं उचित मूल्य दुकान के संचालकों अथवा विक्रेताओं के विरूद्ध सीधे एफआईआर दर्ज करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये।

अपर कलेक्टर ने बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानों से पीओएस मशीन प्राप्त कर स्टॉक का सत्यापन करने के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई उचित मूल्य दुकान का विक्रेता पीओएस मशीन जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ तत्काल संबंधित पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराई जाये। साथ ही वैधानिक कार्यवाही भी की जाये। अपर कलेक्टर ने उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को खाद्यान्न का वितरण सोमवार से ही प्रारंभ करने के निर्देश बैठक में दिये।

अपर कलेक्टर ने बैठक में कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को राशन वितरण के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से मॉनीटरिंग करनी होगी। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य दुकानों से राशन वितरण की जिम्मेदारी ग्राम सहायकों एवं पंचायत सचिवों के साथ-साथ अन्न उत्सव के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को भी दी जाये। चूंकि नोडल अधिकारियों के बायोमैट्रिक पीओएस मशीन में पहले से ही दर्ज हैं इसलिए पीओएस मशीन के संचालन की जिम्मेदारी इन्हें दी जा सकती है।

अपर कलेक्टर ने बैठक में गेंहू उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन एमपी ऑनलाइन कियोस्क एवं राशन सर्विस सेंटर के साथ-साथ लोकसेवा केन्द्रों में करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने इसके लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर एवं लोकसेवा केन्द्रों के प्रभारियों के यूजर आईडी एवं पासवर्ड  क्रियेट करने के निर्देश दिये हैं ताकि सोमवार से ही इन स्थानों पर किसानों का पंजीयन प्रारंभ किया जा सके।

अपर कलेक्टर ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि किसानों के पंजीयन कार्य में यदि समितियों द्वारा आउटसोर्स से नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर व्यवधान करते हैं तो उनकी सेवा तत्काल समाप्त कर दी जाये और आउटसोर्स पर ही नये कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जायें। उन्होंने सभी अधिकारियों से गरीबों को राशन के वितरण और किसानों के पंजीयन कार्य में व्यवधान करने वाले हड़ताली सहकारी समितियों के कर्मचारियों एवं विक्रेताओं के विरूद्ध सख्ती बरतने के स्पष्ट निर्देश भी दिये हैं।

बैठक में कलेक्टर कार्यालयों की खाद्य शाखा प्रभारी डिप्टी कलेक्टर कलावती ब्यारे, संयुक्त कलेक्टर नम: शिवाय अरजरिया, उपसंचालक कृषि डॉ. एसके निगम, जिला सूचना अधिकारी आशीष शुक्ला, प्रबंधक जिला ई गवर्नेस सोसायटी चित्रांशु त्रिपाठी भी मौजूद थे।