मध्यप्रदेश: मिशन इंद्रधनुष के तहत 2 लाख 18 हजार बच्चों का टीकाकरण

शेयर करें:

मध्यप्रदेश में मिशन इंद्रधनुष के तहत 3 चरणों में 2 लाख 18 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। अब दस्तक अभियान के जरिए घर घर जाकर भी बच्चों और गर्भवती का टीकाकरण किया जा रहा है।

भारत में जन्म लेने वाले हर एक बच्चे को बचपन में होने वाली ऐसी सभी बीमारियों से बचे रहने के लिए सम्पूर्ण टीकाकरण करवाने का हक है, जिनसे बचाव मुमकिन है। लिहाजा सरकार ने दिसम्बर 2014 में मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत की और देश के 28 राज्यों के 201 ऐसे जि़लों की पहचान की जिनमें अधूरा टीकाकरण कराने वाले और टीकाकरण से पूरी तरह वंचित बच्चों की संख्या सबसे ज्‍यादा है।

इस अभियान में मध्यप्रदेश के 14 जिलों को शामिल किया गया था। इन 14 जिलों में 3 चरणों में मिशन इंद्रधनुष के तहत आंगनबाड़ियों और दूरदाज के पहुंच विहीन गांव में कई सत्र लगाकर 2 लाख 18 हजार बच्चों और 47600 गर्भवती महिलाओं का अब तक टीकाकरण किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश में 2 लाख से ज्यादा बच्चों के टीकाकरण के पीछे अभियान से जुड़ीं एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की जमीनी मेहनत भी है जो व्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्र के बच्चों का न सिर्फ रिकॉर्ड रखती हैं बल्कि सत्र में न पहुंचने वाले बच्चों से संपर्क कर सतत निगरानी भी करती हैं।

एक समय था जब समाज में बच्चों को टीकारण कराने के पीछे कई धार्मिक किवदंतिया भी आड़े आती थीं लेकिन आज समाज भी जागरुक हो गया है। आज मां भी इन सब से उपर उठकर अपने बच्चे को स्वस्थ्य रखने के लिए नियमित टीकाकरण करवा रही हैं।

इतना ही नहीं अब मध्यप्रदेश में दस्तक अभियान भी शुरु हो गया है जो 18 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर घर दस्तक देकर बच्चों का टीकाकरण करेंगीं।