उत्तर प्रदेश में लगभग 8,500 एनकाउंटरों में 3,300 बदमाशों पर चली गोली, 146 की मौत

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद हुए 8,000 से अधिक एनकाउंटरों में 146 कथित अपराधियों की मौत हुई है। मार्च, 2017 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली थी। उसके बाद से लेकर अब तक 8,472 एनकाउंटर हुए हैं, जिनमें 3,303 कथित अपराधियों पर गोली चलाई गई है और ज्यादातर के गोली पैर में लगी है। सरकार ने इस अभियान को आधिकारिक नाम नहीं दिया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी इसे ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ कह रहे हैं।

मेरठ जोन में हुए सबसे ज्यादा एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, इन एनकाउंटरों से 18,225 अपराधियों को गिरफ्तार करने में मदद मिली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जोन में सबसे ज्यादा 2,839 एनकाउंटर हुए हैं। इनमें 61 मौतें हुई हैं, 1,547 अपराधी घायल हुए हैं और 5,288 की गिरफ्तारी हुई है। दूसरे नंबर पर आगरा है, जहां 1,884 एनकाउंटरों में 18 मौतें हुई हैं और 218 अपराधी घायल हुए हैं। आगरा में गिरफ्तारियों की संख्या लगभग 4,900 है।
तीसरे स्थान पर बरेली जोन है।

उत्तर प्रदेश में हुए एनकाउंटरों में 13 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं और 1,157 को चोटें आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए ADG (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या बताती है कि पुलिस का प्रमुख उद्देश्य अपराधियों को मारना नहीं है। प्राथमिक लक्ष्य उन्हें गिरफ्तार करना है। सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी (435) मेरठ जोन के एनकाउंटरों में घायल हुए हैं। बरेली में 224 और गोरखपुर में 104 पुलिसकर्मियों को एनकाउंटों में चोटें आई हैं।

कोई हम पर गोली चलाएगा तो जवाब भी मिलेगा- ADG
ADG कुमार ने कहा, “अगर ड्यूटी के दौरान कोई हम गोली चलाता है तो हम जवाब देते हैं। यह पुलिस को दिया गया कानूनी अधिकार है। इस दौरान चोटें आती हैं और मौत भी हो जाती है। एनकाउंटरों में हमारे लोग भी घायल और शहीद हुए हैं। अगर कोई व्यक्ति गलत करता है तो पुलिस उस पर रिएक्ट करेगी। हालांकि, हमारा मुख्य उद्देश्य अपराधी को गिरफ्तार करना है न कि उसे मार देना।” उन्होंने आगे कहा कि हर एनकाउंट की न्यायिक जांच होती है। पीड़ित के पास अदालत जाने का भी अधिकार होता है। आजतक किसी भी संवैधानिक संस्था ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटरों के प्रति विरोध नहीं जताया है।
उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर

हालांकि, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हो रही ऐसी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा था कि इन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। विपक्षी दल भी सरकार की एनकाउंटर की नीति पर सवाल उठाते आए हैं। दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर लोगों के सामने पेश कर रही है। योगी आदित्यनाथ कई मौकों पर कह चुके हैं कि पुलिस अपराधियों को मारने से हिचकेगी नहीं।