कई विशेषज्ञ कह चुके हैं हवा के जरिये फैल रहा है कोरोना वायरस, अब अमेरिका के CDC ने भी माना

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संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों खुराक लगवाने के बाद भी ये ऐहतियात बरतना जरूरी

अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने माना है कि कोरोना वायरस हवा के जरिये भी फैलता है। दरअसल, CDC ने कोरोना को लेकर पब्लिक गाइडलाइंस में कोरोना (SARS-CoV-2) के फैलने को तरीकों को संशोधित किया है। अब इन तरीकों में हवा के जरिये यह वायरल फैलने की संभावनाओं को भी शामिल किया गया है। इससे पहले मशहूर मेडिकल जर्नल द लांसेट भी इस वायरस के हवा के जरिये फैलने की बात कह चुका है।

कई विशेषज्ञ कह चुके हैं हवा के जरिये वायरस फैलने की बात
2019 में महामारी की शुरुआत के बाद से ही अधिकतर शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना था कि कोरोना वायरस हवा के जरिये नहीं फैलता और यह संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक के जरिये निकले थूक के छोटे कणों से फैलता है।
पिछले कुछ महीनों में यह नजरिया बदला है और कई वायरोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ कह चुके हैं कि अगर कोरोना हवा से नहीं फैलता तो महामारी इतना विकराल रूप कभी नहीं ले पाती।

वायरस फैलने के तरीके नए, लेकिन बचाव के तरीके वही
CDC ने कहा कि इस समझ में बदलाव हुआ है कि कोरोना वायरस कैसै फैलता है, लेकिन इससे बचाव के तरीके वही पुराने हैं। इसका मतलब है कि दो मास्क लगाकर, बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोते रहने से और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से दुनियाभर में तबाही मचा चुके इस खतरनाक वायरस से बचा जा सकता है। संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों खुराक लगवाने के बाद भी ये ऐहतियात बरतना जरूरी है।

CDC ने गाइडलाइंस में क्या लिखा है?
CDC ने अपनी गाइडलाइंस में लिखा है कि सांस के जरिये वायरस अंदर जाने से, म्यूक्स मेंब्रेन पर वायरस लगने से या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हाथ पर अगर वायरस लगा है तो उससे म्यूक्स मेब्रेन छूने पर व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। CDC के अनुसार, थूक के बड़े कण हवा से जल्दी खत्म हो जाते हैं, लेकिन छोटे कण कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक हवा में रह सकते हैं।

WHO भी दे चुका है हवा से वायरस फैलने के संकेत
बीती 30 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी गाइडलाइन को संशोधित करते हुए इसमें वायरस के हवा के जरिये फैलने की संभावना को भी शामिल किया था। संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार अब बंद कमरे या गैर हवादार जगहों पर भी हवा के जरिए संक्रमण का प्रसार होने की बात कही है। वर्तमान साक्ष्यों के अनुसार वायरस का प्रसार मुख्य रूप से एक मीटर से कम दूरी के संपर्क पर सबसे अधिक होता है।

दुनियाभर में 15 करोड़ से अधिक लोग हो चुके हैं संक्रमित
बीते एक साल से अधिक समय में कोरोना वायरस दुनिया के हर हिस्से तक पहुंच चुका है और इसने अमीर से अमीर देश को घुटनों पर ला दिया है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनियाभर में अब तक लगभग 15.72 करोड़ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 32.78 लाख लोगों की मौत हुई है। सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका में 3.27 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और 5.81 लाख लोगों की मौत हुई है।