राम मंदिर के इंतजार में उर्मिला चतुर्वेदी ने 28 साल से नहीं खाया अन्न

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जबलपुर। उर्मिला चतुर्वेदी श्रीराम की ऐसी अनन्य भक्त हैं जिन्होंने बीते 28 सालों से राम मंदिर निर्माण का इंतजार किया है। राजनीतिक इच्छाशक्ति से इतर उर्मिला चतुर्वेदी का संकल्प इतना मजबूत था कि उन्होंने 1992 के बाद खाना नहीं खाया और सिर्फ फलाहार से ही जिंदा रहीं। करीब 28 साल इन्होंने संकल्प लेकर अन्न का त्याग कर दिया था। उम्रदराज होने के बावजूद आज भी उर्मिला चतुर्वेदी का ये संकल्प कायम है और वो केवल फल और जल ही ग्रहण करतीं हैं. उनका सपना है कि राम मंदिर निर्माण के समय वहां पहुंचकर श्रीराम का पूजन करें और फिर प्रसाद के रूप में अन्न ग्रहण करें। लेकिन इस अनोखी राम भक्त को मंदिर निर्माण के लिए होने वाले आयोजन में अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है. बावजूद इसके वह अपनी भक्ति में लीन है।

अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण हो इसके लिए सदियों से संघर्ष चला रहा था। सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाईयां लड़ी गईं और आखिरकार देश के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भव्य राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत होने जा रही है। भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए लाखों लोगों ने सहभागिता दी, जिनमें कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने मन ही मन राम मंदिर निर्माण का संकल्प ले लिया और तपस्या की, उनमें से एक हैं जबलपुर (Jabalpur) की उर्मिला चतुर्वेदी (Urmila Chaturvedi), जो पिछले 28 सालों से लगातार अन्न त्यागकर व्रत कर रही हैं।

जबलपुर उत्तर मध्य विधायक विनय सक्सेना कहते है – रामजी की लीला है न्यारी” मैं आज विजयनगर निवासी वयोवृद्ध श्रीमती उर्मिला चतुर्वेदी जी से मिलने पोहुंचा। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का मंदिर बने इस कामना की पूर्ति के लिए आदरणीय उर्मिला जी बीते 28 वर्षों से अन्न का त्याग कर तपस्यारत थीं। यह जानकर मैं अत्यंत हर्षित, कृतज्ञ और गौरवांवित हूँ कि मैं ऐसी विधानसभा का विधायक हूँ जिसमें ऐसे दृढ़ संकल्पवान विभूतियां भी निवास करतीं हैं। मैं माताजी के चरणों में प्रणाम करता हूँ एवं सभी को श्रीराम मन्दिर निर्माण की शुभकामनाएं देता हूँ।

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