अनूठी पहल : यहाँ के किसान खेती को एक कंपनी की तरह चलाते है

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बैंगलोर@ क्या आपने कभी सोचा है की हमारे किसान खेती को भी एक कंपनी की तरह चला सकते हैं? क्या कभी ऐसा भी हो सकता है कि कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और आईटी इंजीनियर मिलकर खेती बाड़ी चला सकते हैं. ऐसी पहल देखने को मिल सकती आईटी सिटी बैंगलोर मे! एक ट्रस्ट से जुड़े कुछ कॉर्पोरेट्स ने एक ऐसी पहल शुरू की है जिसके ज़रिये किसानो की आमदनी भी दोगुनी हो रही हैं.

नामी गिरामी आईटी कंपनियों में काम करने वाले और अच्छी सैलरी पाने वाले बड़े इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स और खेतों मे मेहनत करते किसानों भले ही दो अलग-अलग पेशे हैं लेकिन दोनों के एक होने से एक नायाब पहल देखने को मिली है आईटी सिटी बैंगलोर मे| सामाजिक कार्यों में सक्रिय एक ट्रस्ट से जुड़े कुछ कॉर्पोरेट्स ने एक ऐसी पहल शुरू की है जिसके ज़रिये किसानो की आमदनी भी दोगुनी हो रही हैं|

इस पहल के चलते जो किसान अपने खेतों मे अब तक एक ही फसल पर निर्भर थे. ज़्यादा मुनाफा नहीं मिलने और अच्छी फसल न होने से परेशान रहते थे | लेकिन इन दिनों ये अपनी फसलों को केंद्र तक खुद पहुंचा कर आते हैं जहाँ से ये फसल मार्किट तक पहुंचा दी जाती हैं और उन्हें अपनी सब्ज़ियों के वाजिब दाम भी मिल जाते हैं।

कुछ समय पहले इस ट्रस्ट ने किसानों को जैविक खेती करने के रास्ते बताये और साथ साथ एक फसल के अलावा अनेक फसल उगाने का मंत्र बताया ! जिसके चलते खेतों मे अब रंग बिरंगी शिमला मिर्च और बारह किस्म के देसी बैंगन उत्पन्न हो रहे हैं जिससे अब किसान निश्चिंत हैं और अच्छी कमाई भी कर लेते हैं। इलाके के खरीद केंद्रों पर अब रोज करीब हज़ारों किलो सब्ज़िया पहुँचती हैं और वहाँ से सीधे शहर के

अलग अलग सब्ज़ी बाज़ार पहुंचा दी जाती हैं| यह काम भी किसान ही करते हैं, ट्रस्ट द्वारा बनाये गए किसानो के छोट-छोटे समूह एक श्रृंखला के तहत इन सब्ज़ियों की मार्केटिंग करते हैं, उन्हें उनकी सब्ज़ियों के वाजिब दाम चेक के ज़रिये मिल जाते हैं। अब सब्ज़ी के दामों को कम आंक कर बिचौलिए धोखा नहीं दे सकते | किसान अब प्रति दिन सौ पचास रुपये कमाने के जगह हज़ारो रुपये कमा रहे हैं | यहाँ के किसान अब मज़दूरी , और यातायात में लगने वाली लागत में भी भारी बचत भी कर लेते हैं|

महज़ १० किसानों से शुरू हुआ यह समूह आज साठ किसानो का समूह बन चूका है | सहज समृद्धि ट्रस्ट सब्ज़ियों के अलावा अनाज उत्पादन करने वाले किसानो को भी इस आंदोलन से जोड़ रहा है और इन किसानों में से कई तो अब इस कम्पनी के शेयरहोल्डर भी इन किसानो को कंपनी का सालाना मुनाफा भी बराबर मिलता है।

किसानो के इस आंदोलन मे महिला किसान भी अहम् भूमिका अदा करती हैं, महिलाएं यहाँ के सीड बैंक की पहरेदार हैं , नायाब फसल और बेहतर नस्ल वाली सब्ज़ियों के लिए यह सीड बैंक बनाया गया है जिसे यहाँ की महिला किसान चलाती हैं। सहज समृद्धि ट्रस्ट यहाँ के किसानों के लिए खुशहाली लेकर आया है और इनकी समृद्धि का मंच बन गया है।