आईजीएनटीयू में कौशल विकास कार्यक्रम के तहत सोया प्रसंस्करण पर छह फरवरी तक चलेगा

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अनुपपुर @ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में ग्रामीणों की आजीविका को बढ़ाने के उद्देश्य से सोया प्रसंस्करण पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें अपने उत्पादों की मार्केटिंग के बारे में भी जानकारी प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय के लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत एलबीआई के माध्यम से मध्य भारत में बहुतायत में उगाए जाने वाले सोया से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आशीष माथुर ने बाताया कि देश में सोया संबंधित उत्पादों का उद्योग 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।

सोया उत्पादों में प्रोटीन की मात्रा बहुतायात में पाई जाती है। इससे बनाया जाने वाला सोया दूध फेट और कोलेस्ट्रोल मुक्त होता है। इसे बढ़ते बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इसकी बढ़ती मांग और क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में ग्रामीणों और छात्रों को जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो छह फरवरी तक चलेगा।

कुलपति प्रो. टी.वी. कट्टीमनी का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से छात्रों को मशीनों पर सीधे प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपना लघु उद्योग स्थापित करने के बाद उत्पादन से उनके विपणन तक कोई कठिनाई न हो। छात्रों को सोया उद्योगों से संबंधित सभी जानकारियां भी प्रदान की जा रही हैं।