एक ही छत के नीचे होगा पीड़ित महिलाओं की परेशानी का हल

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दतिया@ मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेशानुसार घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 नियम 2006 के अनुशरण में वर्ष 2008 में ”ऊषा किरण योजना” प्रारंभ की गई है।
घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में शासन ने एक और नया कदम बढ़ाया है जिला अस्पताल परिसर में महिलाओं की समस्याओं का हल निकालने के लिए वन स्टाप सेन्टर बनने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्रताड़ित महिलाओं की षिकायत सुनकर प्रथम दृष्टया परामर्श के माध्यम से हल निकालने की कोशिश की जायेगी इसके लिए 5 सदस्यीय काउन्सलरों का पैनल गठित किया जा चुका है। काउन्सलिंग के माध्यम से हल ना निकलने पर पुलिस की मदद ली जायेगी। घरेलू हिंसा अधिनियम तहत् डीआईआर में जाकर न्यायालय में प्रस्तुत की जायेगी।

वन स्टाप सेंटर का उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित बालिकाओं, महिलाओं को एकीकृत रूप से सहायता प्रदान करना है। पीड़िता को तत्काल आपातकालीन, गैर आपातकालीन सुविधायें उपलब्ध कराना जैसे चिकित्सा, विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, आश्रय आदि सेन्टर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को बचाव एवं रिफाल सेवायें प्रदान की जायेगी। इस कार्य हेतु मुख्यमंत्री महिला हैल्पलाईन नम्बर 181, 1090, 108 की सेवायें पीसीआर वैन को केन्द्र से सम्बद्ध कर समीपस्थ स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय गृह (शासकीय, प्रायवेट) की सुविधा प्रदान की जायेगी एवं सेन्टर पर एफआईआर, डीआईआर दर्ज कराने की सुविधा होगी।

18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं सीडब्लूसी समिति के समक्ष 24 घंटे के अंदर भेजना होगा। इसके लिए जिला स्तरीय महिला कल्याण समिति का गठन किया जा चुका है इसमें कलेक्टर, सीएमएचओ, डीपीओ, 10 शासकीय अधिकारी एवं दो सदस्य अशासकीय क्षेत्र से लिये गए है। इसमें दहेज सलाहाकार बोर्ड के सदस्य की हैसियत से शिखा श्रीवास्तव को लिया गया है एवं अशासकीय सदस्य की हैसियत से रामजी राय को लिया गया है। इसमें कलेक्टर को अध्यक्ष मनोनीत किया जा चुका है। वर्तमान में वन स्टाप सेन्टर के संचालन हेतु प्रशासक के रूप में श्रीमती मिथलेश श्रीवास्तव की पद स्थापना की जाकर जिला अस्पताल में 3 कक्ष एंव एक डोरमेट्री कक्ष का आवंटन किया जा चुका है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने पर शीघ्र ही वन स्टाप सेन्टर का संचालन विधिवत रूप से किया जा सकेगा।