फूड प्वाॅयजनिंग के शिकार हुए ट्रिपल आईटी के छात्र

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#जबलपुर. डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम में बीती बुधवार की रात खाना खाने से हॉस्टल के सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं फूड प्वाॅयजनिंग के शिकार हो गए। सभी को शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से कैन्टीन के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजिमी है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने की सूचना पर जिला प्रशासन भी हरकत में आया। कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी के निर्देश पर खाद्य विभाग के अधिकारी रात में मेस की जांच करने भी पहुंचे। इस पूरे मामले में काॅलेज प्रबंधन का कोई भी जिम्मेवार कुछ भी जानकारी देने तैयार नहीं रहा, डीन प्रो. पुनीत टंडन ने कहीं और व्यस्त होने के कारण इस संबंध में कोई जानकारी नहीं होेने की बात कही।

पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द की परेशानी
बीमार छात्र छात्राओं को सिटी अस्पताल, मार्बल सिटी तथा जबलपुर अस्पताल में इलाज के लिए शाम 6 बजे के करीब लाया गया। बीमार छात्रों का कहना था कि सुबह से पेटदर्द, उल्टियां होने की शिकायत हुई। पहले तो छात्रों ने इसे साधारण समझा, लेकिन दोपहर होते-होते जब पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी तो प्रबंधन चौकन्ना हुआ। अस्पताल में भर्ती कुछ छात्र तेज सिरदर्द से परेशान थे। छात्रों की संख्या को देखते हुए प्रबंधन ने एम्बुलेंस, बस व काॅलेज के वाहनों से छात्रों को अस्पताल पहुंचाया। इलाजरत छात्रों ने बताया कि बुधवार की रात खाने में दाल, चावल, रोटी के साथ ही कोफ्ते की सब्जी बनी थी। संभावना जताई जा रही है कि कोफ्ते की सब्जी के कारण छात्र-छात्राओं की तबियत बिगड़ी है। कुछ छात्रों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ मुरली अग्रवाल ने बीमार छात्रों के इलाज के लिए दिशा-निर्देश दिए, वे मामले पर लगातार नजर रखे थे।
पहले से कर रहे शिकायत
छात्रों का कहना है कि काॅलेज में हॉस्टलर्स के लिए सुविधाओं की कमी है, साथ ही कई बार खाने की खराब क्वालिटी की शिकायत प्रबंधन से की जा चुकी है। छात्र इस बात से नाराज भी दिखे कि प्रबंधन द्वारा उनकी शिकायतों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। इस घटना से रात में काॅलेज के करीब 250 हॉस्टलर्स ने डायरेक्टर प्रो. प्रमोद कुमार जैन व डीन से इस संबंध में चर्चा करनी चाही, लेकिन दोनों अधिकारियों ने कोई बात नहीं की। बताया गया कि बीती रात सीढ़ी से एक लड़की के गिरने की घटना भी हुई थी।
खराब पनीर खाने से बिगड़ी तबियत
मेस की जांच करने पहुंचे खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी अमरीश दुबे ने बताया कि बुधवार की रात का खाना तो नहीं मिला, लेकिन मेस में रखी पनीर जब्त की गई है। इस पनीर का उपयोग बीती रात मलाई कोफ्ते में भी हुआ था। उन्होंने बताया कि मेस में मिली सभी खाद्य सामग्री की सेम्पलिंग की जा रही है। मेस में बने मलाई कोफ्ते में पनीर, आलू और मक्के के आटे का उपयोग किया गया था। बताया गया कि हैदराबाद की सांई कैटरर्स द्वारा मेस का संचालन किया जाता है, अधिकांश ट्रिपल आईटी में इसी संस्था का ठेका काम है। जबलपुर ट्रिपल आईटी मेस के मैनेजर हृदयनाथ द्विवेदी ने बताया कि हरी सब्जियां व कुछ जरूरी खाद्य सामग्री ही यहां खरीदी जाती है, बाकी सब सामान नागपुर से आता है। मेस में 700 छात्र-छात्राओं के लिए भोजन और नाश्ता बनाया जाता है।
कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
फूड प्वाॅइजनिंग से बीमार छात्रों का हाल जानने कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी सिटी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को समुचित उपचार के निर्देश देते हुए छात्रों से बात भी की। बताया गया कि कुछ छात्र वायरल फीवर से पीड़ित थे, जिसपर कलेक्टर ने कीट वैज्ञानिकों को संस्थान परिसर का निरीक्षण करने भेजा। सिविल सर्जन डॉ. एके सिन्हा ने बताया कि 38 छात्र निजी व सरकारी अस्पताल पहुंंचे थे। इनमें कुछ विक्टोरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चले गए।

देर रात ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि वे अस्पताल में बच्चों को देखने गए थे, कुछ ने रात में मेस में खाना नहीं खाने की बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है उन्हें शुक्रवार को छुट्टी दे दी जाएगी। इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी साथ ही स्टूडेंट्स के ब्लड की जांच के साथ ही कैंपस की सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।