गर्मी में पेयजल की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए सुनियोजित प्लानिंग हो

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हरदा @ गर्मी में पेयजल की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए सुनियोजित प्लानिंग हो। समस्याग्रस्त क्षेत्र चिन्हित कर सूची दें। प्रायवेट सोर्स भी देखें। लोगों को पानी का दुरूपयोग न करने की समझाईश दें। कलेक्टर अनय द्विवेदी आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पेयजल हेतु पानी की उपलब्धता के संबंध में बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पीएचई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं उनके अधीनस्थ स्टाफ उपस्थित रहे। बैठक में द्विवेदी ने निर्देशित किया कि जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी कर्मचारी जिले में पेयजल स्रोत एवं पेयजल की आने वाली समस्याओं का सर्वे रंगपंचमी तक पूर्ण कर सूची प्रस्तुत करें। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र पर पेयजल समस्या स्थल चिन्हित कर लिया जावे कि पानी की व्यवस्था किस स्रोत से की जावेगी।

पेयजल की समस्या को दृष्टिगत रखते हुये नगरीय क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रायवेट सोर्स पूर्व से चिन्हित कर लिया जावे एवं गांव के बड़े स्रोत को अधिग्रहण करने की कार्यवाही करें। पेयजल की समस्या के संबंध में प्रति शुक्रवार अनुविभाग स्तर पर बैठक का आयोजन किया जावे एवं प्रति सोमवार जिला स्तर पर बैठक के कार्यवाही विवरण से अवगत कराया जावे। निकाय स्तर पर तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, उपयंत्री सिंचाई/पी.एच.ई, रेंजर, अनुविभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी सिंचाई/पीएचई, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग एवं जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी, अपर कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, कार्यपालन यंत्री सिंचाई/पीएचई एवं पी.ओ. डूडा अनुसार समिति के गठन के आदेश जारी किये जावे।

तीनों स्तर पर 10 मार्च के पूर्व पेयजल समस्या को लेकर बैठक का आयोजन अनिवार्य रूप से आयोजित कर कार्यवाही विवरण प्रेषित किया जावे। जिले में स्थापित हेण्डपम्प जिनमें मामूली रिपेयर होना है, उन्हें चिन्हित कर चालू करा लिया जावे। यह सुनिश्चित किया जावे कि जिले के अस्पताल, उपस्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास आदि में पेयजल आदि की कमी न रहे। पेयजल समस्या को लेकर पुलिस विभाग को भी पृथक से निर्देश जारी किये जा चुके है इसमें उनका सहयोग भी प्राप्त करें। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में पानी का उपयोग अधिक करने वाले लोग/संस्था एवं पानी का जहाँ भी अनावश्यक रूप से अधिक प्रयोग होता है उन्हें पूर्व से चिन्हित कर उनकी सूची तैयार कर प्रस्तुत की जावे एवं उन्हें पानी का दुरूपयोग न करने की समझाईश भी दी जावे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस का सहयोग लिया जावे किसी भी प्रकार पेयजल के कारण कानून व्यवसथा की स्थिति निर्मित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जावे। निर्देशों का पालन कर पालन प्रतिवेदन समयावधि बैठक में प्रस्तुत करें।