अलग अलग थाना अंतर्गत धोखाधडी के तीन प्रकरण दर्ज

शेयर करें:

जबलपुर @ थाना कोतवाली अंतर्गत जय कुमार जैन पुरानी मछरहाई के उसके परिचित शीतल नारद जैन से 22 अगस्त को दोस्ती और सम्बंध होने के कारण शीतल नारद जैन को व्यवसायिक जरूरतों की पूर्ति हेतु रुपयों की आवश्यकता जाहिर करने पर उसके द्वारा 80 हजार रूपये 3 माह मे वापस करने का आश्वासन देने पर को दिये थे। 3 माह बीत जाने पर अपने रूपये वापस मांगे तो आर्थिक तंगी होने का हवाला देकर कुछ दिनो मे पैसा लौटाने को कहा, कई बार मांगने पर कहा टालते हुए की दे देंगे । रूपये वापस मांगे तो उसे ८० हजार रूपये का एक स्वयं हस्ताक्षरित चैक दे दिया। मई 2017 मे उसने चैक अपने सिंडकेट बेैक मे भुगतान हेतु जमा किया तो चैक में फर्जी हस्ताक्षर होना लेख कर चैक वापस हो गया। उसका स्वास्थ खराब हो जाने पर हैदराबाद उपचार कराने चला गया था जहां से स्वस्थ होकर वापस लौटा दोबारा रूपयेा मांगे तो शीतल नारद जैन ने रूपये देने से मना कर दिया। उसे ज्ञात हुआ कि उससे पहचान के चलते शीतल नारद ने उसके भतीजे से भी 3 लाख रूपये लिये है जो वापस नहीं कर रहा है। शीतल नारद ने आवश्यकता होना बताते हुये 80 हजार रूपये 3 माह मे वापस करने का कहते हुये रूपये उधार लिये और रूपये न लौटानेे की नीयत से फर्जी हस्ताक्षरित चैक देते हुये धोखाधडी की है। अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश जारी है।

थाना गोरखपुर मे राजागिरी गोस्वामी 50 वर्ष रीवा कालोनी रामपुर छापर ने एक लिखित शिकायत की कि 2016 को कपिल बेन गोरखपुर द्वारा एमएम ग्रुप डेवलपमेंट सोसाईटी के नाम से मौजा बिल्हा भेडाघाट मे स्थित 2 प्लाट की बिक्री हेतु नगद 42 हजार रूपये लेकर नोटराईज विक्रय अनुबंध कराया था। इसके बाद भी नगदी 1-1 लाख रूपये एवं बाद मे ढाई लाख रूपये अपने रीवा कालोनी स्थित घर पर कपिल बेन को जमीन अपने नाम कराने को पैसे दिये थे। अब तक 4 लाख 90 हजार कपिल बेन उससे ले चुका है । बाद मे उसे पीटीए चला की किसी दूसरे की जमीन को अपना बताकर छल पूर्वक उसके साथ धोखाधडी करके रूपये लिये गये है अब रूपये वापस मांगने पर नहीं दे रहा है। जांच में पाया गया कि कपिल बेन द्वारा बिल्हा स्थित जिस जमीन को अपना बताकर 4 लाख 92 हजार रूपये ले लिये गये, जबकि जमीन गनपत कुशवाहा नारायणपुर निवासी की है और गनपत कुशवाहा का देहांत हो चुका है। कपिल र द्वारा जमीन मालिक की मृत्यु के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे की जमीन को स्वयं की बताकर व रूपये लेकर धोखाधडी किया,शिकायत पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

पनागर थाना अंतर्गत धर्मेन्द्र कुशवाहा 38 वर्ष कछियाना मोहल्ला पनागर ने खसरा न. 905 रकवा 0 दशमलव 198 भूमि जो वर्ष 2014-15 तक उसके नाम पर दर्ज थी, तत्कालीन राजस्व अधिकारी से सांठगांठ कर अनावेदक राजेन्द्र कुशवाहा, हीराबाई कुशवाहा, धर्मी बाई कुशवाहा, ललिता बाई कुशवाहा, ममता बाई कुशवाहा जो विनोवा वार्ड पनागर मे रहते है, सभी के पिता चिन्तामणी कुशवाहा है ने मिली भगत कर उसकी जमीन को अपने नाम नामांत्रित करा ली एवं जून सभी अनावेदकों ने उसकी जमीन को 15 लाख 40 हजार रूपये में बेच दी है। शिकायत की जांच की गयी, जांच पर राजस्व कार्यालय से सत्यापित दस्तावेज प्राप्त किये गये जिस पर पाया गया कि तत्कालीन हल्का पटवारी रोशनी माझी जो कि एक लोक सेवक है, अपने पद का दुरूपयोग करते हुये बिना किसी सक्षम अधिकारी के वैधानिक आदेश के सहभागी बनकर धर्मेन्द्र कुशवाहा के स्वामित्व की भूमि का अनावेदकगणों के पक्ष में शासकीय अभिलेख नामांत्रित कर दिया। पूरी जांच पर तत्कालीन हल्का पटवारी रोशनी माझी, राजेन्द्र कुशवाहा, हीराबाई कुशवाहा, धर्मी बाई कुशवाहा, ललिता बाई कुशवाहा, ममता बाई कुशवाहा के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया।