इस रसोई में 5 घंटों में बन सकता है 2 लाख लोगों का भोजन

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अहमदाबाद स्थित अक्षय पात्र की रसोई में बनती हैं एक घंटे में 60 हज़ार रोटियां। आधुनिक मशीनों से प्रतिदिन तैयार होता है स्वच्छ, ताज़ा और पोषण युक्त भोजन

अन्न जीवन की आवश्यकता है और यह एक ऐसी आवश्यकता है जिसके बिना कोई भी इंसान जीवन की कल्पना नहीं कर सकता। अन्न में पोषण होना भी उतना ही ज़रूरी है जितना की इसकी उपलब्धता। उम्र छोटी हो या बड़ी पोषण हर किसी के लिए ज़रूरी है और इसे ही मुहैया करने के लिए सरकार की ऐसी कई योजनाएं चल रही हैं और इसमें कई संस्थाएं अपना सहयोग दे रहीं है और कुपोषण के खिलाफ इस मुहीम में प्रतिबद्ध हैं।

हम आपको बता रहें हैं अहमदाबाद स्थित अक्षय पात्र रसोई के बारे में। इस रसोई में सरकार की श्रमिक योजना , मध्यान भोजन योजना और आंगनवाड़ियों के लिए प्रतिदिन स्वच्छ, ताज़ा और पोषक भोजन तैयार किया जाता है और जगह-जगह पहुंचाया जाता है। ये रसोई केवल 5 घंटों में 2 लाख लोगों का भोजन बनाने में सक्षम है।

इस रसोई में एक घंटे में 60 हज़ार रोटियां बन सकती हैं! चौंक गए ना, पर यह इस रसोई में बिलकुल मुमकिन है। यहाँ आटा गूंथने से लेकर रोटी बनाने, सब्ज़ी धोने, काटने, छीलने, चावल धोने का सारा काम आधुनिक मशीनों के द्वारा होता है। एक फ्लोर पर खाने की पूरी तैयारी होती है तो दूसरे पर पकने का सारा काम होता है। खाने का मेनू भी कुछ इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि जिसे यह भोजन मिले उसकी पोषण की ज़रूरतें पूरी हो सके।

रसोई से जब खाना बनकर तैयार हो जाता है इन्हे स्टीम द्वारा साफ़ किये गए बर्तनों में भरकर हर रोज़ समय पर श्रमिकों तक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तक और मध्यान भोजन देने वाले स्कूलों तक पहुँचाया जाता है।

आर्थिक तंगी और कुपोषण से जूझ रहे लोगों के लिए जब स्वच्छ, स्वादिष्ट और पोषणयुक्त भोजन ऐसी रसोई से बनकर पहुँचता है तो देश कुपोषण से मुक्त होने की ओर आगे बढ़ता है। सरकार की कुपोषणता से लड़ने की इन योजनाओं से ही देश स्वस्थ बनेगा, जब हर मजदूर को सस्ता खाना मिलेगा और हर बच्चे को उसकी ज़रूरत अनुसार पोषण उपलध होगा तो अन्नपूर्णा का अर्थ सच मे साकार होगा।