एम्स में ओपीडी के लिए अब नहीं लगेगी कतार, फरवरी के दूसरे हफ्ते में शुरु हो जाएगा नया ओपीडी

एम्स के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। यहां की ओपीडी में अब उन्हें लंबी कतार में नहीं लगना होगा। अस्पताल में नया ओपीडी ब्लॉक तैयार हो चुका है जहां डिजिटल स्क्रीन पर मरीज अपना नंबर देखकर डॉक्टर के पास जा सकेंगे।

एम्स के नए ओपीडी में तीन बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और आठ मंजिल है। सबसे निचले बेसमेंट में पार्किंग है और बाकी के दो बेसमेंट को जांच यानि टेस्टिंग के लिए रखा गया है और उपर के आठ फ्लोर को ओपीडी के लिए रखा गया है। नए ओपीडी की खास बात ये है कि इसमें जगह बढ़ जाएगा। नए ओपीडी के 270 कमरों में डॉक्टर मरीजों को देख सकेंगे। नए ओपीडी को तीन विंग में बांटा गया है। प्रोसिजर और इलाज के लिए अलग रुम है। 13 छोटे ऑपरेशन थियेटर है जहां माइनर सर्जरी की जा सकेगी।

इसके अलावा 2 डे केयर एरिया होगा। नए ओपीडी में 8 से 10 हजार मरीजों के देखने की व्यवस्था होगी। साथ ही स्टाफ और छात्रो के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी। 1 बेसमेंट में रेडियोलॉजी की व्यवस्था होगी। जहां प्रतिदिन 60 हजार खून पेशाब के अलावा दूसरे जांच की व्यवस्था होगी। ग्राउंड फ्लोर पर 40 काउंटर रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर होंगे। लाईन को सही ढ़ंग से व्यवस्थित करने के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लगा है ताकि स्क्रीन पर मरीज को अपनी बारी का पता चले।

मरीज और एम्स के स्टाफ के लिए अलगा अलग दो कैफेटेरिया होगी। नई आठ मंजिला इमारत में एक पूरी लैब सिर्फ ओपीडी के लिए होगी। ओपीडी के बाद मरीजों की जांच के लिए भी एक से दूसरी जगह भटकना नहीं पडे़गा। एक ही तल पर मरीजों को जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। हर फ्लोर पर आठ सौ लोगों के रुकने की व्यवस्था है।

ओपीडी में डिजिटल स्क्रीन लगा है जहां मरीज का पंजीकरण नंबर आता रहेगा। डिजिटल स्क्रीन पर पंजीकरण का नंबर दिया जाएगा। पर्ची कटवाने के बाद पंजीकरण काउंटर के सामने अपनी बारी का इंतजार करेंगे। स्क्रीन के नंबर के आधार पर ओपीडी पंजीकरण होगा। इसी आधार पर डॉक्टर बुलाएंगे।

अभी डॉक्टर के कमरे में बाहर मरीजों का नाम पुकारा जाता है। लेकिन मरीजों को यह पता नहीं होता है कि उनका नंबर कब आएगा। नए ओपीडी में मरीज को स्क्रीन पर अपना नंबर दिखते रहेगा। उन्हें लंबी कतार से निजात मिल जाएगी। अभी ओपीडी में रोजाना करीब आठ से दस हजार मरीज आते हैं।

ओपीडी सेवा को मस्जिद मोठ के पास नवनिर्मित ओपीडी ब्लॉक में स्थानांतरित किया जाना है। उम्मीद है कि नया ओपीडी फरवरी के दूसरे हफ्ते में शुरु हो जाएगा।

फिलहाल एम्स में जहां ओपीडी लगती है, वहां मरीजों को लंबी कतार लगानी पड़ती है। इससे ओपीडी के बीच से निकलने वाले रास्ते में पैर रखने की जगह नहीं मिलती। इस कारण राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी में मरीज और तीमारदार जमीन पर बैठने को मजबूर है। अब नया ओपीडी ब्लॉक शुरु होने पर उन्हें राहत मिलेगी।

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