प्रधानमंत्री के उद्घोष के साथ शीतकालीन सत्र हुआ प्रारंभ

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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरु होने के साथ ही सोमवार तक के लिए स्थगित हो गया। सत्र की शुरूआत के पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि इस सत्र में सरकार के महत्वपूर्ण कामकाज सदन में आएंगे और साथ ही अच्छी बहस हो तो संसद का उपयोग देश के लिए कारगर साबित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि देश को आगे बढ़ाने में शीतकालीन सत्र का उपयोग सकारात्मक रुप से होगा,जिससे देश लाभान्वित होगा और लोकतंत्र मज़बूत होगा। इससे पहले बृहस्पतिवार को सर्वदलीय बैठकों का सिलसिला भी चला।

यह सत्र 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक चलेगा जिसमें 14 कार्य दिवस है। जबकी करीब 25 विधेयकों पर चर्चा और पारित करवाने की कोशिश होगी। शीतकालीन सत्र से पहले गुरुवार को तीन अहम बैठकें हुई जो लोकसभा अध्यक्ष,सरकार और विपक्षी खेमे की ओर से अलग अलग बुलायी गई। जिसमें सत्र की रणनीति को लेकर माथापच्ची हुई ।

सबसे अहम बैठक लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की ओर से बुलायी गयी जिसमें सभी दलों के नेता पहुंचे। स्पीकर ने सभी दलों से सत्र चलाने में मदद मांगी तो विपक्ष की ओर से भी पूरा भरोसा दिया गया। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से कई पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया। सर्वदलीय बैठक का मकसद ये है कि शीत सत्र में तमाम जरूरी विधायी कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो सकें। सरकार को भी भरोसा है कि इस सत्र में रचनात्मक कार्य होंगे और जरूरी विधेयक पास हो पाएंगे।

हालांकि विपक्ष कई मुद्दों को लेकर हमलावर मूड में है जिससे सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। वहीं विपक्ष ने भी अपनी रणनीति को तय करने के लिए गुरुवार को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई। कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में ये बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

तीन तलाक पर लगी रोक को कानूनी जामा पहनाने के लिए भी विधेयक पेश करने, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पुन: लाने का इरादा है। सत्र में जीएसटी, नोटबंदी, राफेल मुद्दा, किसानों से जुड़े विषय समेत कई समसामयिक मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।हांलाकि सरकार की ओर से किसी भी मुद्दे पर चर्चा कराएं जाने की बात कही जा रही है।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए मंत्रियों का सदन से परिचय कराया।नए मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण,मुख़्तार अब्बास नक़वी, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, केजे अलफोंस, शिव प्रताप शुक्ला, वीरेंद्र सिंह,आनंद कुमार हेगड़े, गजेंद्र सिंह शेख़ावत और सत्यपाल शामिल हैं।