आंध्र प्रदेश का धरमासागरम गांव बना स्मार्ट विलेज

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आंध्र प्रदेश का धरमासागरम गांव कुछ समय पहले तक बुनियादी ज़रूरतों के लिए तरसता था, लेकिन अब ये गांव आदर्श गांव बन गया है। एक ऐसा गांव, जो स्मार्ट विलेज भी है। जी हां, ये बदलाव की बयार प्रेरणा देती है कि संकल्प में बहुत ताकत है।

विशाखापटनम जिले का धरमासागरम गांव, इस गांव में वो सारी सुविधाएं मौजूद हैं जो किसी भी एक शहर में होती हैं। यहां आप किसी भी दुकान में चले जाइये, सभी जगह डिजिटल ट्रांजेक्शन की व्यवस्था है। यहां का हर बाशिंदा आधार कार्ड से जुड़ा है। धरमासागरम गांव वास्तव में एक स्मार्ट गांव है।

केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को देखने-सुनने के बाद प्रशासन की मदद से लोगों ने संकल्प लिया था कि वो अपने गांव को चमका देंगे। आज उनकी मेहनत और संकल्प का ही नतीजा है कि यहां की सड़कें, आंगनबाड़ी भवन, ग्राम पंचायत यानी हर भवन चकाचक है। हर घर में शौचालय है। धरमासागरम गांव सौ प्रतिशत ओडीएफ गांवों में शुमार है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत हर घर में एलपीजी कनेक्शन है।

धरमासागरम गांव में खेती-किसानी मुख्य पेशा है। एक जमाना था जब लोग नौकरी की तलाश में यहां से पलायन करते थे लेकिन सरकार अब नौजवानों को उनकी दिलचस्पी के अनुसार स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत उन्हें ट्रेनिंग दे रही है। गांव को आदर्श और स्मार्ट बनाने में हर समुदाय की हिस्सेदारी रही है। यहां पंचायत और मंडल स्तर पर लगातार बैठकें होती हैं ताकि गांव का ये स्वरूप बना रहे।

धरमासागरम गांव अब तरक्की के रास्ते पर इतना आगे बढ़ चुका है कि आने वाले दिनों में ये अपना आर्थिक एजेंडा भी तय करेगा। इस गांव को अब तक कई पुरस्कार मिल चुके हैं। आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक प्रधानमंत्री जिस न्यू इंडिया की बात कह रहे हैं उसकी तस्वीर ऐसी ही है।