प्रधानमंत्री ने किया गुजरात के परिवर्तन का वादा

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गुजरात में चुनावी तापमान चरम पर, प्रधानमंत्री मोदी ने 4 चुनावी रैलियों को संबोधित किया और अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। कांग्रेस ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र। पाटीदार आरक्षण के लिए संविधान में बदलाव पर विचार की बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जनता को जातीय और सांप्रदायिक आधार पर बांटने का आरोप लगाया है। गुजरात के भावनगर में कल एक चुनावी सभा में उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात का विकास शांति, एकता और सदभावना की शक्तियों से हुआ है।

उन्‍होंने कहा कि राज्‍य में पूर्ववर्ती कांग्रेसी सरकारों ने आदिवासी समुदाय की अनदेखी की है। राज्‍य की भाजपा सरकार ने जनजातीय बहुल इलाकों में सड़क सहित बेहतर बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य को प्राथमिकता दी है। पीएम मोदी ने जूनागढ़, धर्मपुर और जामनगर में भी चुनावी सभाओं को संबोधित किया।

घमासान सड़कों से लेकर चुनावी रैलियों में है। ये नज़ारा धरमपुर वलसाड का है लोग प्रधानमंत्री के इंतज़ार में हैं। बेक़रार लोगों के बीच पीएम की एक झलक से उत्साह भर गया। मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने भी चुनावी हुंकार भरी। लोगों के बधाई का तांता टूटा तो निशाने पर कांग्रेस का आना लाजमी था।

तारीख़ों में मुगलों का ज़िक्र आया बात वंशवाद पर अटकी। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर क़रारा हमला बोला। कांग्रेस को एक कुनबा पार्टी बता डाला। दरअसल राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का नामांकन भी भरा तो जाहिर है कि ऐसे में चुनावी व्यग्यों,तंजों से बुझे तीर धराशायी करने रैलियों से गुज़रेंगे ही। बयार गुजराती अस्मिता की भी।

घेरे में फिर कांग्रेस फंसी। तेज़ हमलों से जवाब कम बचती हुई ज़्यादा दिखी। भावनगर के चुनावी मंच से पीएम मोदी ने कांग्रेस को ख़ूब घायल किया। पटेल से लेकर अब तक हुए राज्य के प्रति भेदभाव का हिसाब मांगा। राष्ट्र के प्रति सरदार पटेल के समर्पण को सराहा एकता सूत्र को याद किया। लगे हाथ भेदभाव की राजनीति और सामाजिक बंटवारे का आरोप कांग्रेस पर मढ़ा।

कांग्रेस ने पार्टी ने हमेशा बांटने का काम किया है। भाई-भाई को इसने बांटा है। इसने समाज को अगड़े-पिछड़े में बांटा है। इसने जाति-धर्म में बांटा है। ये बांटने की विरासत कांग्रेस ने अंग्रेज़ों से सीखी है। इसने सिर्फ सत्ता के लिए लोगों के बीच मनभेद और मतभेद करवाऐ हैं। विकास रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया तो वहीं राज्य के विकास का श्रेय लोगों की सामाजिक एकता और भाजपा सरकार को दिया।

उन्होने कहा कि सबका साथ सबका विकास ही भाजपा का मंत्र है। उन्होने कांग्रेस को जूनागढ़ में पानी की कमी और नर्मदा परियोजना की देरी को ज़िम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होने कहा कि कई परियोजनाओं के ज़रिए जल्द ही जूनागढ़ पर्यटन के नक्शे पर तेज़ी से उभर रहा है। प्रधानमंत्री की इस चुनावी रैली में महिलाओं का ख़ासा उत्साह दिखा।

प्रधानमंत्री ने जामनगर की चुनावी रैली में केंद्र सरकार के ज़रिए केदारनाथ घाटी में पुर्ननिर्माणों का ज़िक्र किया। साथ ही उन्होने कहा कहा कि कश्मीर बाढ़ के वक़्त केंद्र ने तेज़ी के साथ लोगों को राहत पहुंचाई थी। जबकि कांग्रेस की सरकारें लोगों के दुख और संकट के समय भी ख़ामोश ही रहती थी।

उन्होने कहा कि मौजूदा सरकार के पास भुज की भयंकर त्रासदी के वक़्त लोगों के साथ खड़े होने का अनुभव है। प्रधानमंत्री ने समावेशी विकास पर ज़ोर दिया। साथ ही उन्होने दावा किया कि देश के लोग कांग्रेस को उनकी ग़लतियों के लिए ज़रूर सबक देंगें। उन्होने कहा कि उ.प्र. निकाय चुनाव में लोगों ने एक बार कांग्रेस की राजनीति को नकारा है।