जबलपुर : पड़ाव महाकाली विसर्जन के दौरान पुलिस और भक्तों के बीच टकराव, भीड़ ने फूंकी दर्जनों गाड़ियां, इलाके में लगी धारा 144

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जबलपुर। जबलपुर की प्रसिद्ध महारानी काली माता पड़ाव समिति की प्रतिमा के नर्मदा में विसर्जन को लेकर ग्वारीघाट इलाके में विवाद हुआ है। यहां समिति से जुड़े लोगों ने नर्मदा नदी में प्रतिमा का जबरदस्ती विसर्जन करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और समिति से जुड़े लोगों के बीच जमकर विवाद हुआ। माता महाकाली विसर्जन के लिए ग्वारीघाट जा रहीं थीं, तभी झंडा चौक के पास पुलिस ने वाहन को रोक लिया।

पुलिस का कहना था कि ग्वारीघाट की बजाए कुंड में विसर्जन किया जाए। इस पर माता महाकाली को विसर्जन के लिए ले जा रहे समिति वाले बिफर गए। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया जाने लगा। पुलिस ने समझाइश के प्रयास किए लेकिन बात बहस में बदलने लगी। बताया जाता है कि इसी दौरान चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया, जो सामने खड़ी जेसीबी से टकरा गया।

इसके बाद मौके पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस पर पत्थर बरसने लगे। मौके पर उपद्रव के हालात निर्मित हो गए। पुलिस ने आंसूगैस के गोले छोड़े और स्थिति नियंत्रित करने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान बेकाबू भीड़ ने पुलिस के वाहन पलटा दिए। कई वाहनों में आग लगा दी गई। बसों में भी तोडफ़ोड़ कर दी गई।

ग्वारीघाटा इलाके में लगी धारा 144
बताया जाता है कि लगभग आधा घंटे तक उपद्रव होता रहा। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद स्थिति काबू में आई। वहीं भक्त इस बात पर अड़ गये हैं कि माता काली का विसर्जन नर्मदा में ही किया जायेगा, वहीं पुलिस-प्रशासन ऐसा नहीं करने अड़ा है, जिससे टकराव की स्थिति निर्मित हुई। पथराव भी किया गया। जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस जवान घायल हो गए हैं। पुलिस और भक्तों के बीच जमकर मारपीट, बलवा उत्पन्न हो गया। मौके पर कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने ग्वारीघाटा इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दस लोग घायल हुए हैं।

मौके पर कलेक्टर छवि भारद्वाज के अलावा एसपी भी पहुंचे हुए हैं और बलवाईयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पथराव करने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं समिति से जुड़े लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।

दरअसल हाई कोर्ट ने प्रतिमा विसर्जन को लेकर आदेश जारी किया है कि नर्मदा नदी में मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा। इसके लिए अलग से एक कुंड बनाया गया है, जिसमें विसर्जन होना था। लेकिन पड़ाव की महारानी से जुड़ी समिति से जुड़े लोगों ने जबरदस्ती मूर्ति को नर्मदा में विसर्जित करने की कोशिश की। इसके बाद मौके पर हालात बेकाबू हो गए और यहां पत्थरबाजी शुरू हो गई। जिसमें कई गाड़ियां फूट गई हैं। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियां भी फोड़ डाली हैं।

ये जुलूस शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलता है। इसमें 24 घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाता है। इसमें शामिल होने के लिए आस-पास के इलाकों से हजारों लोग आते हैं। इस जुलूस को लेकर पहले ही पुलिस ने समिति से जुड़े लोगों के साथ बैठक करके समझाइश दी थी कि प्रतिमा विसर्जन नर्मदा नदी में नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद समिति ने आज सुबह ग्वारीघाट में प्रतिमा विसर्जन की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।