सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण आज, ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए करें ये उपाय

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आज साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) पड़ रहा है. ग्रहण रात 11.54 से शुरू होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 तक रहेगा, यानी यह पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2018) 1 घंटे 48 मिनट तक बना रहेगा. Guru Purnima के दिन चंद्रग्रहण पड़ रहा है. यह एक दिव्य संयोग माना जा रहा है. इससे पूर्व 16 साल पहले वर्ष 2000 में ऐसा संयोग बना था. इस बार चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के बिल्कुल केंद्र से उत्तर से होकर गुजरेगा. ये स्थिति 1 घंटे 2 मिनट की होगी, इसी कारण इस बार ग्रहण लंबा होगा. आप इंटरनेट के जरिए Lunar Eclipse 2018 का लाइव स्ट्रीम भी देख सकते हैं. प्रदूषण के कारण कुछ मैट्रो शहरों में ग्रहण को देख पाना आसान नहीं होगा. मॉनसून सीज़न होने के कारण संभव है कि चंदग्रहण बादलों को छुपा हुआ नज़र आए. ऐसे में आप ऑनलाइन चंद्र ग्रहण देख सकते हैं.

यूट्यूब पर आप चंद्र ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं.

Lunar Eclipse Time:
ग्रहण का स्पर्श कालः रात को 11 बजकर 54 मिनट
खग्रास आरंभः मध्यरात्री 12 बजे
ग्रहण मध्यः देर रात 1 बजकर 52 मिनट
खग्रास समाप्तः देर रात 2 बजकर 43 मिनट
ग्रहण मोक्षः देर रात 3 बजकर 49 मिनट

साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को दिखाई दिया था. 152 साल बाद यह ऐसा चंद्र ग्रहण था, जो 77 मिनट तक के लिए रहा. इस दौरान चांद 30 फीसदी ज़्यादा चमकीला था. आपको बता दें कि इस साल पांच ग्रहण होंगे, जिसमें से 3 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं. 27 जुलाई को साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण है.

27 जुलाई 2018 की रात लगने वाला Chandra Grahan सदी का सबसे लंबा ग्रहण होगा. इसके बाद 9 जून 2123 में इतना लंबा Lunar Eclipse देखने को मिलेगा. इस साल पांच ग्रहण होंगे, जिसमें से 3 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं. 27 जुलाई को साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण है.

ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए कुछ मंत्र 
मान्यता है कि ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकला जाता, खाना नहीं खाया जाता, पूजा-पाठ नहीं की जाती, कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते और प्रेग्नेंट महिलाओं को खास सावधानियां बरतनी पड़ती हैं. इसी के साथ ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए कई लोग पूजा-पाठ में इस्तेमाल किए जाने वाले मंत्रों का भी सहारा लेते हैं.

ज्‍योतिष‍ियों की मानें तो ग्रहण काल में गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जाप करते रहने से प्रत्येक राशि के सभी दोषों का निवारण हो जाता है. इस दौरान हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) और हनुमान जी के मंत्रोच्चारण का भी विशेष महत्व है. ज्योतिष शास्त्रियों का कहना है कि चंद्र ग्रहण क प्रभाव 108 दिनों तक रहता है, इसीलिए यह बहुत जरूरी है कि चंद्र ग्रहण के दौरान जाप किया जाए.

इस दौरान ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम:’ या ‘ॐ सों सोमाय नम:’ का जाप करना शुभ होता है. माना जाता है कि इस वैदिक मंत्र का जाप जितनी श्रद्धा से किया जाएगा यह उतना ही फलदायक होगा. ग्रहण के दौरान दुर्गा सप्‍तशती कवच मंत्र का पाठ करना चाहिए. जो इस प्रकार है- ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै.

मान्‍यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान पूरी तन्मयता और संयम से मंत्र जाप करने से विशेष लाभ म‍िलता है. इस दौरान अर्जित किया गया पुण्य अक्षय होता है. कहा जाता है इस दौरान किया गया जाप और दान, सालभर में किए गए दान और जाप के बराबर होता है.

ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप

गायत्री मंत्र: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्||
महामृत्‍युंजय मंत्र: ॐ त्रयंबकं यजामहे, सुगन्धि पुष्टिवर्द्धनं, उर्वारुक्मिाव, बंधनात्, मृत्‍योंर्मुचीय मामृतात्||