शनिवार की रात 10 बजे से सोमवार की सुबह 6 बजे तक शहर में रहेगा लॉकडाउन

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जबलपुर @ कोरोना संक्रमण को रोकने जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत जबलपुर शहर में शनिवार 27 मार्च की रात 10 बजे से सोमवार 29 मार्च की सुबह 6 बजे तकलॉकडाउन रहेगा। राज्य शासन के गृह विभाग के निर्देशानुसार जिला दण्डाधिकारी द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर जबलपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में प्रत्येक शनिवार की रात 10 बजे से सोमवार को सुबह 6 बजे तक 32 घंटे का लॉकडाउन रखने का आदेश 20 मार्च को ही जारी किया जा चुका है।

लॉकडाउन की अवधि के दौरान सभी दैनिक गतिविधियां, सभी निजी एवं शासकीय संस्थायें, दुकान, होटल, प्रतिष्ठान एवं समस्त प्रकार की सामान्य आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। प्रतिबंधात्मक आदेश में यह भी साफ किया गया है कि दूध एवं केमिस्ट की दुकान तथा अस्पतालों को छोड़कर सभी प्रकार के खुदरा एवं थोक दुकानें, सभी मार्केट, क्लब, बगीचे, रेस्टारेंट, खानपान की दुकानें, मंडियां सहित सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। लॉकडाउन की अवधि में आवश्यक वस्तुओं के थोक परिवहन, औद्योगिक ईकाईयों एवं उसके श्रमिकों और कर्मियों, औद्योगिक कच्चे माल तथा उत्पाद के परिवहन, बीमार व्यक्तियों के परिवहन, बाहर से आने वाले ट्रक, डम्फरों को तथा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड से आने एवं जाने की छूट रहेगी। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को भी छूट रहेगी। वे अपना फोटो पहचान पत्र एवं टिकिट दिखाकर आवाजाही कर सकेंगे। मीडिया कर्मियों को भी उनके दायित्वों के निर्वहत के लिये आवागमन पर लगे प्रतिबंध से छूट रहेगी।

लॉकडाउन के दौरान शासकीय कोषालय एवं उपभोक्ताओं तथा पंजीयन एवं उपपंजीयन कार्यालयों को खुले रहने की अनुमति रहेगी। इन कार्यालयों में कार्य करने वाले कर्मचारियों तथा सेवा प्राप्त करने वाले नागरिकों का आवागमन भी लॉकडाउन में प्रतिबंधित नहीं रहेगा। गुरूवार 25 मार्च को अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर जिम, स्वीमिंग पूल एवं सिनेमाघरों को आगामी आदेश तक बंद करने के आदेश भी दिये जा चुके है।

जिला दण्डाधिकारी द्वारा सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को प्रतिबंधात्मक आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिये गये हैं। आदेश में कहा गया है कि इसका उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।