राजकीय सम्मान के साथ किया गया शहीद जगराम का अंतिम संस्कार

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मुरैना @देश की सीमा पर शहीद नायब सूबेदार जगराम सिंह तोमर का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम तरसमा में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद को मुखांग्रि उनके एक मात्र 11 वर्षीय पुत्र आकाश ने दी। इस समय उपस्थित हजारों की संख्या जनसमुदाय ने भारत जिंदावाद, वंदेमातरम का जयघोष किया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार तथा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने शहीद को अंतिम सलाम कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा शहीदों को निर्धारित शर्तो के तहत राशि, प्रदेश में एक घर, परिवार के एक पात्र व्यक्ति को नौकरी तथा अन्य सुविधायें, जो तय है, प्रदाय की जायेगी। यहां अम्बाह विधायक सत्यप्रकाश सखवार, मुरैना नगर निगम महापौर अशोक अर्गल, कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार, पुलिस अधीक्षक आदित्यप्रताप सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्पांजली अर्पित की।

आज सुबह ग्वालियर के सेना परिसर से शहीद जगराम सिंह का शव पूर्ण सम्मान के साथ गृह ग्राम तरसमा लाया गया। इस समय तक शहीद के गांव व घर पर हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हो गये। सभी की आंखें नम थीं। जैसे ही सैना के जवानों द्वारा शहीद के शव को कोपिन में सुरक्षित घर पर रखा वैसे ही वहां उपस्थित जन-जन की आंखों से आंसू बहने लगे। हर कोई शहीद जगराम सिंह को नजदीक से देखना चाहता था कि दुश्मनों की गोली छाती को भेदती हुई कैसे निकल गई। गमगीन माहौल को देखकर सैन्यबल की आंखें भी नम हो गई। उनके घर से शहीद जगराम सिंह की अंतिम यात्रा शमसान स्थल पर लगभग एक किलो मीटर की दूरी तय कर पहुंची हजारों की जनसंख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने जब तक सूरज चांद रहेगा जगराम सिंह तेरा नाम रहेगा का जयघोष किया। ब्रिगेडियर कर्ण सिंह के नेतृत्व में शहीद की पार्थिव देह को राष्ट्रीय ध्वज से सम्मानित किया गया। सैन्य दल ने तीन चक्र फायर कर शहीद को सम्मान दिया। सेना के सशस्त्र दल द्वारा शोकमय श्रद्धांजलि के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किये। शहीद के परिजनों ने कहा कि उनके परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोग देश की रक्षा में सीमा पर है, हमारे घर परिवार और गांव व जिले को जगराम सिंह का यह बलिदान गौरवान्वित कर रहा है। सेना के बिग्रेडियर कर्ण सिंह ने कहा कि यह देश का बड़ा सम्मान है जो शहीदों को मिलता है।