प्रतापगढ़ : रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट, नहीं मिल रहा काम

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प्रतापगढ़ ( जीतेन्द्र तिवारी )। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने 24 तारीख तक लॉकडाउन लगाया है. लॉकडाउन का आम लोग पालन भी कर रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान चौक घंटाघर पर मजदूर काम पाने के लिए सड़क किनारे इंतजार करते दिखे. डेली चौक घंटाघर के पास मजदूरों का जमावड़ा लगा रहता है. लॉकडाउन होने की वजह से रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट सामने आ जाता है.

परिवार पालने के लिए घर से बाहर निकले मजदूर

प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण चेन तोड़ने के लिए 24 तारीख तक लॉकडाउन लगाया है. लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलना मना होता है, लेकिन चौक घंटाघर के पास दर्जनों की संख्या में लॉकडाउन को नजर अंदाज कर मजदूर पेट पालने के लिए घर से बाहर निकल आए. राजेंद्र ने कहा कि इस लॉकडाउन में अपना पेट पालना तो बड़ी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि काम के लिए दिल्ली आते हैं. काम मिलता ही नहीं, लेकिन मजबूरन यहां काम ढूंढने के लिए आना पड़ता है.

अगर हम काम नहीं करेंगे, तो परिवार का पेट कैसे भरेगा. थाना कंधई इलाके से चौक घंटाघर पर पहुंचे मदन चंद ने कहा मजदूरी, हमारी मजबूरी है. लॉक डाउन की वजह से काम धंधे का पोजिशन पूरी तरीके से खराब है जो सो दो सो रुपए कमा रहे थे. वह आज नहीं कमा पा रहे हैं. सौ पचास का भी काम नहीं मिल पा रहा है.

हफ्ते में दो-तीन दिन का मिलता है. उसी में अपना नोन तेल चला रहे है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बारे में मालूम है, लेकिन घर में बच्चे बीमार है. दवाई के पैसे नहीं हैं. सरकार मजदूर के घर कुछ देने नहीं आती है. खाने-पीने का इंतजाम स्वयं करना पड़ता है. अगर सरकार खाने और दवाई के लिए पैसे दे रही होती, तो हमे मजदूरी के लिए बाहर नहीं निकलना पड़ता.