टीएल मीटिंग में कलेक्टर का कड़ा रूख

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जबलपुर @ कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने आम लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों के प्रति गंभीरता न बरतने को लेकर आज यहां सम्पन्न समय-सीमा बैठक में कड़ा रूख अख्तियार किया। जीआरपी से सम्बन्धित एक शिकायत के समाधान के प्रति लापरवाही बरतने के चलते डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी व्ही.के.कर्ण को कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सभी विभाग प्रमुखों को भी आगाह किया गया कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के प्रति कोताही बरतना उन्हें महंगा पड़ सकता है।

चौधरी ने जनसुनवाई में आए आवेदनों को सम्बन्धित विभाग में भेजे जाने की प्रक्रिया पर प्रभारी अधिकारी द्वारा स्वयं अपेक्षित ध्यान देने की बजाए पूरी तरह कर्मचारियों पर निर्भर होने को लेकर भी सम्बन्धित अधिकारी से नाराजगी जताई। बैठक में चौधरी ने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं में लम्बित सीएम हैल्पलाइन की एल-4 स्तर की शिकायतों का ब्यौरा तलब किया। इस बारे में दी गई जानकारी से असंतुष्ट कलेक्टर ने अपर कलेक्टर छोटे सिंह को इस सिलसिले में पड़ताल करने के निर्देश दिए। चौधरी ने विभाग प्रमुखों से 300 दिन से अधिक समय से लम्बित सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने आदिवासी विकास, ऊर्जा, कृषि, जबलपुर मण्डी, कौशल विकास, मेडिकल कॉलेज, वन, जिला पंचायत और लीड बैंक से सम्बन्धित शिकायतों की बड़ी संख्या को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की।

कलेक्टर चौधरी ने आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी को अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार प्रकरणों में त्वरित गति से अपेक्षित कार्यवाही करने की ताकीद की। उन्होंने कहा कि अगली समय-सीमा बैठक में अनुभागवार जाति प्रमाण पत्रों के लम्बित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी। चौधरी ने सम्बन्धित अधिकारी को ऐसे मामलों की सूची अगली बैठक में प्रस्तुत करने की हिदायत दी। उन्होंने जिले में उज्जवला योजना की प्रगति की बाबत् भी ब्यौरा तलब किया। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि एस.के. निगम से फसल बीमा की राशि के वितरण के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा इस सिलसिले में तत्परता बरतने की ताकीद की। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की वेतन-वृद्धि रोकी जाए।

कलेक्टर ने बैठक में जिले की तमाम स्कूली बसों की चैकिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में अनफिट पाई जाने वाली बसों को तत्काल बंद किए जाने की कार्यवाही की जाए। चैकिंग की इस कार्यवाही में आरटीओ, एसडीएम, तहसीलदार और यातायात पुलिस शामिल रहेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली स्कूली बसों की भी चैकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला शिक्षा अधिकारी को विशेष रूप से निजी स्कूलों की बसों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि एक भी बस अनफिट न हो।

कलेक्टर चौधरी ने उप संचालक पशु चिकित्सा को निर्देशित किया कि नगर निगम की मदद हासिल कर शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को कांजी हाउस भेजे जाने की पहल करें। साथ ही बीमार या घायल अवस्था में सड़कों या चौराहों पर पड़े पशुओं के इलाज के लिए भी उपयुक्त कदम उठाए जाएं। इसके लिए सप्ताह के सातों दिन पशु चिकित्सकों की डयूटी लगाई जाए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के प्रति लापरवाह रवैए पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीईओ से कहा कि ऐसे संकुल प्राचार्यों के विरूद्ध कार्यवाही के प्रस्ताव प्रस्तुत करें ताकि उन्हें कमिश्नर को भेजा जा सके। चौधरी ने कहा कि नर्मदा जी के दोनों तटों पर पौधे लगाने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने जिला योजना समिति की गत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। चौधरी ने दीनदयाल अन्त्योदय मेलों के आयोजन की बाबत् भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने माह के तीसरे सप्ताह में मुख्य सचिव के संभावित दौरे का जिक्र करते हुए अधिकारियों को अपना काम-काज दुरूस्त रखने की हिदायत दी। खास तौर पर शिक्षा, कृषि और खाद्य सेक्टर से सम्बन्धित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में अविलम्ब सुधार लाने की ताकीद की गई। बैठक में चौधरी ने आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि अनुभागवार पात्रता पर्चियों का समारोहपूर्वक वितरण किया जाए जिसमें जनप्रतिनिधियों को जरूरी तौर पर आमंत्रित किया जाए।

कलेक्टर चौधरी ने समय-सीमा बैठक को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए कुछ अधिकारियों द्वारा बैठक में प्रतिनिधि भेजने को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की। कौशल विकास से सम्बन्धित चर्चा के दौरान कलेक्टर ने बैठक में गैरमौजूद रहते हुए प्रतिनिधि भेजने पर प्राचार्य आईटीआई को नोटिस जारी करने तथा इसकी प्रति शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा कनिष्ठ अधिकारी को भेजे जाने पर उसे बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर छोटे सिंह, एसडीएम मुनीष सिकरवार व नम:शिवाय अरजरिया तथा विभागीय अधिकारी मौजूद थे।