प्रयागराज: संगम पर लगे माघ मेले से हुई रामलला के मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान की शुरुआत

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प्रयागराज. अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान की शुरुआत पूरे देश के ही साथ संगम नगरी प्रयागराज में भी हुई. प्रयागराज में इस अभियान की शुरुआत संगम की रेती पर लगे माघ मेले से हुई. संघ, बीजेपी और वीएचपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने माघ मेले के शिविरों में मौजूद संत -महात्माओं के बीच इस अभियान की शुरुआत की. नौ सदस्यीय विशेष टोली ने माघ मेले के शिविरों में जाकर पहले उनका आशीर्वाद लिया और इसके बाद कूपन और रसीदों के ज़रिये उनसे आर्थिक सहयोग भी लिया. संतों ने इस मौके पर अभियान की सफलता की कामना की और साथ ही सभी नागरिकों से भी इस अभियान में बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की.

प्रयागराज में माघ मेले में संतों के बीच धन संग्रह अभियान की शुरुआत इसलिए भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि नब्बे के दशक में मंदिर निर्माण के लिए संतों की पहली धर्म संसद संगम पर ही हुई थी. प्रयागराज में आज पहले दिन अभियान की अगुवाई करने वाले वीएचपी गौरक्षा विभाग के प्रांतीय मंत्री लालमणि तिवारी के मुताबिक़ जिन संतों ने मंदिर निर्माण के लिए लम्बे समय तक आंदोलन और संघर्ष किया, उनका आशीर्वाद लेने के साथ ही उनके बीच से अभियान की शुरुआत करना इस बात की गारंटी है कि यह अभियान ज़रूर अपने मकसद में कामयाब होगा. प्रयागराज में आज पहले दिन किसी जन प्रतिनिधि या दूसरे वीआईपी के बजाय संत -महात्माओं और साधारण राम भक्तों से संपर्क कर उनसे सहयोग लिया गया.

प्रयागराज में वीएचपी का काशी प्रांत कार्यालय भी है. इस कार्यालय से ही अभियान संचालित होगा। प्रयागराज में आज बड़ी संख्या में लोगों ने सीधे तौर पर बैंकों में भी पैसे जमाकर अपना योगदान दिया है. गौरतलब है कि 15 से 27 फरवरी संत रविदास जयन्ती व माघी पूर्णिमा तक चलने वाला यह अभियान दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा जनसम्पर्क अभियान होगा. इस अभियान के तहत पांच लाख से अधिक गांवों में विहिप और आरएसएस के कार्यकर्ता साधु-संतों के मार्गदर्शन में संग्रह अभियान चलायेंगे. जिसके तहत देश के 12 करोड़ 25 लाख घरों में जायेंगे. देशभर के साथ ही काशी प्रान्त के दस जिलों के 16 हजार गावों और पचास लाख परिवारों की ढ़ाई करोड़ आबादी के बीच यह अभियान चलेगा. राम मंदिर के निर्माण में सभी धर्मों के लोगों से सहयोग लिया जायेगा.