इस तारे की चमक फीकी नहीं पड़ेगी

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तारों के विस्फोट की घटना सुपरनोवा को तारों की चमक फीकी पड़ने के लिए एक वजह माना जाता है वैज्ञानिकों ने एक तारे के बारे में आश्चर्यजनक खोज की है और उनके मुताबिक इस तारे ने अब तक अपनी चमक फीकी नहीं पड़ने दी, जबकि 50 साल से भी अधिक समय तक कई बार इसमें विस्फोट हुआ। तारों के विस्फोट की घटना सुपरनोवा को तारों की चमक फीकी पड़ने के लिए एक वजह माना जाता है।

अमेरिका स्थित लॉरेंस बर्कले नेशनल लैबोरेट्री के वरिष्ठ वैज्ञानिक पीटर नुगेंट ने बताया कि केक वेधशाला में उन्होंने पाया कि यह सुपरनोवा ऐसा नहीं दिखता जैसा कि उन्होंने पहले कभी देखा हो। पिछले दो दशकों में करीब 5,000 सुपरनोवा का पता लगाने के बाद यह तथ्य सामने आया है।

इस सुपरनोवा का नाम आईपीटीएफ14 एचएलएस है। इसका पता सितंबर 2014 में चला। उस वक्त यह एक साधारण सुपरनोवा की तरह दिखता था। कई महीनों बाद अमेरिका की लास कंबर्स वेधशाला एलसीओ के खगोल वैग्यानिकों ने पाया कि सुपरनोवा फिर से चमकीला होता जा रहा है।

एलसीओ में फेलो लायर अरकावी ने कहा कि इस सुपरनोवा ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। तारों में होने वाले विस्फोट की पिछले एक दशक से अपने अध्ययन के दौरान यह सबसे बड़ी पहेली है, जिसका मैंने सामना किया।