कमज़ोर होकर तूफान ओखी पहुंचेगा महाराष्ट्र

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चक्रवाती तूफान ओखी धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है और पहले के अनुमान के मुताबिक गुजरात में सूरत तट तक उसके पहुंचने की अब संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि चक्रवात ओखी गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो चुका है और वह दक्षिण गुजरात में दबाव क्षेत्र के तौर पर दस्तक दे सकता है। गहरे दबाव का क्षेत्र सूरत से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है।

इस बीच सरकार ने चक्रवात ओखी को देखते हुए परामर्श जारी करके महाराष्ट्र और गुजरात के भागों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढने की चेतावनी दी है। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कल गुजरात और तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्रियों से बातचीत की और ओखी द्वारा पहुंची क्षति से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

इस तूफान का असर गुजरात में चुनाव प्रचार पर भी पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा है कि इस वक़्त आम जन की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पार्टी नेताओं से इस वक्त ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने को कहा है। तूफान से मरने वालों की संख्या 39 तक पहुंच चुकी है ।’ओखी’ से प्रभावित राज्यों के लोगों की मदद के लिए झारखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दो करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

ओखी चक्रवाती तूफान दक्षिण में तमिल नाडू और केरल में भारी तबाही मचाने के बाद महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ आगे बढ़ गया है। मुम्बई में भारी से मध्यम बारिश के बीच राहत और बचाव कार्यों को भी तेज़ कर दिया गया है । लापता लोगों को बचाने और लोगों को खाद्य साम्रगी पहुंचाने के लिये रक्षा मंत्रालय ने भी कमर कस ली है ।