आतंकवाद ही सभी समस्याओं की जड़ है: सुषमा

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नई दिल्‍ली में चल रहे रायसीना संवाद में बोलते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने आतंकवाद को सभी तरह के विध्‍वंस की जड़ बताया है। उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में आतंकवाद से निपटने में हमारा दृष्टिकोण मज़बूत हुआ है। वहीं सूचना और प्रसारण मंत्री स्‍मृति ईरानी ने कहा कि महिलाएं पर्याप्‍त रूप से निपुण हैं और वे अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

दिल्ली में रायसीना संवाद’ का तीसरा संस्करण चल रहा है, जिसमें 90 देशों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का मकसद न सिर्फ दुनिया के सामने मौजूद चुनौतिया का समाधान खोजना है, बल्कि दुनिया में भारत की बढ़ती भूमिका के हिसाब से नये रास्ते सुझाना भी है। सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि डिजिटल के दौर में आतंकवाद की चुनौती पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर हुई है और इसमें चरमपंथ की भूमिका काफी अहम है। उन्होंने आतंकवाद को बड़ी समस्या बताते हुए इससे सख्ती से निपटने की अपील की है।

दिल्ली में चल रहे भारत के महत्वाकांक्षी भू-राजनीतिक सम्मेलन ‘रायसीना संवाद के तीसरे संस्करण के दूसरे दिन क्षेत्रीय और अंतराराष्ट्रीय राजनीति पर जमकर मंथन हुआ । रायसीना डायलॉग का इस वर्ष का विषय है विघटनकारी बदलावों का प्रबंधन- ,विचार, संस्थाएं और धारणाएं। केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों के साथ ही दुनिया भर से आए तमाम नेताओ, अधिकारियों और राजनयिकों ने इस मसले पर अपने विचार साझा किए ।

सम्मेलन में सबसे ज्यादा जिक्र हुआ आतंकवाद का । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि डिजिटल के दौर में आतंकवाद की चुनौती पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर हुई है और इसमें चरमपंथ की भूमिका काफी अहम है । उन्होंने आतंकवाद को बड़ी समस्या बताते हुए इससे सख्ती से निपटने की अपील की है।

वहीं आतंकवाद पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी खुलकर बात की। उन्होंने आतंकियों और उनकी मदद करने वाले देशों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सम्मेलन में आर्थिक मसलों पर भी बात हुई और मजबूत होती भारतीय अर्थव्यवस्था की चर्चा हुई । वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि सरकार अगले पांच सालों में भारत को पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है ।

सम्मेलन में हिस्सा लेने सूचना प्रसारण और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी भी पहुंची। उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर बात की और कहा कि महिलाएं सक्षम हैं और अर्थव्यवस्था में मुख्य भूमिका निभा सकती हैं। यह बहुपक्षीय सम्मेलन 2016 से सालाना दिल्ली में आयोजित हो रहा है। भारत के इस प्रमुख विदेश नीति सम्मेलन का आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउन्डेशन संयुक्त रूप से करते हैं। इसे सिंगापुर की शंगरीला डायलॉग की तर्ज पर तैयार किया गया है।

सम्मेलन में 90 देशों के 150 से ज्यादा वक्ता और 550 प्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले रहे हैं । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को इसका उदघाटन किया । इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी मौजूद थी। कार्यक्रम में नेतन्याहू ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इससे निपटने के लिए दुनिया की लोकतात्रिक ताकतों में साझेदारी जरुरी है ।

सम्मेलन में अमेरिका के प्रशांत कमान के प्रमुख एडमिरल हैरी हैरिस और ब्रिटेन के संयुक्त बल कमांडर जनरल क्रिस डेवेरेल भी हिस्सा ले रहे हैं। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर और स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ड्ट भी संवाद का हिस्सा हैं । कुल मिलाकर ये सम्मेलन दुनिया के मंच पर भारत की विदेश नीति को मजबूत तरीके से रखने का एक मंच है ।