जजों की नियुक्ति पर सरकार का फैसला सही: सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा के सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति के आदेश पर रोक की मांग खारिज कर दी है। इससे पहले सरकार ने जब वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा के नाम को स्वीकृति दी और न्यायमूर्ति जोसफ के नाम को मंजूरी न देते हुए कोलेजियम से इस निर्णय पर पुनर्रविचार करने के लिए कहा तो कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए।

लेकिन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ कहा कि कांग्रेस के पास ऐसे सवाल उठाने के कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने कई ठोस तर्क देते हुए ये कहा है कि जस्टिस जोसेफ का केरल हाईकोर्ट से आते है जबकि पहले ही केरल हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व मिला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा , सरकार के फैसले में कुछ गलत नहीं। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा के नाम को सरकार ने स्वीकृति दे दी है ।

उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम से दो लोगों के नाम की फाइल कानून मंत्रालय को मिली थी जिस पर सरकार ने इंदु मल्होत्रा के नाम को हरी झंडी दे दी है । हालांकि सरकार ने न्यायमूर्ति जोसेफ नाम को मंजूरी नहीं दी है और कोलेजियम से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है । सरकार ने अपने फैसले को जायज ठहराने के लिए कई तर्क दिए हैं ।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक -जो ठोस तर्क दिये गये है उसमें साफतौर पर कहा गया है कि जस्टिस जोसेफ का केरल हाईकोर्ट से आते है जबकि पहले ही केरल हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व मिला हुआ है। हाईकोर्ट जजों के वरिष्ठता क्रम को देखे जस्टिस जोसेफ 42 वें स्थान पर आते है और 11 हाईकोर्ट के जज जस्टिस जोसेफ से वरिष्ठ है। कलकत्ता छत्तीसगढ़ गुजरात राजस्थान ,झारखंड सहित कई छोटे राज्यों मसलन सिक्किम मणिपुर मेघालय को मौजदा समय में सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व नहीं है। इसके साथ ही इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिये कि मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में अनूसूचित जाति और जनजाति का जज नहीं है।

इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति का सबने स्वागत किया है । कांग्रेस ने भी सरकार के इस फैसले का समर्थन किया लेकिन जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति न करने पर सवाल खड़े किए हैं । वहीं सरकार की ओर से कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘कांग्रेस पार्टी के पास सवाल खड़ा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है । साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया है और मौजूदा सरकार उसकी गरिमा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस कुछ भी कह रही हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सरकार के फैसले से कोई दिक्कत नहीं है । सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा के सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति के आदेश पर रोक की मांग खारिज कर दी है । वकील इंदिरा जय सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि जब तक जस्टिस जोसेफ के बारे में फैसला नहीं लिया जाता, तब तक इंदू मल्होत्रा की नियुक्ति के आदेश पर रोक रहे लेकिन कोर्ट ने ये याचिका खारिज कर दी । मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र ने कहा इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति के वारंट पर रोक की मांग समझ से परे और अमान्य है, अगर सरकार जस्टिस जोसेफ के नाम को फिर से विचार के लिए कॉलेजियम के पास भेजती है तो इसमें कुछ भी बुरा नहीं है ।