100 साल बाद पूरा अमेरिका देख रहा है पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा

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100 साल बाद पूरा अमेरिका पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख रहा है. यह सूर्य ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि अमेरिका के 14 राज्यों में अलग-अलग समय पर बिल्कुल स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है.

यही नहीं इस सूर्य ग्रहण का पहली बार ऑललाइन लाइव प्रसारण हो रहा है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा दुनिया भर में इसका प्रसारण कर रही है. बता दें कि अमेरिका की सार्वजनिक कंपनियों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए छुट्टी का दिन है. जी हां, आज 100 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखने वाला है. और इसे देखने के लिए कंपनियों ने छुट्टी की घोषणा कर रखी है. ऐसे में कोई भी अमेरिकी इस भौगोलिक घटनाक्रम को छोड़ना नहीं चाहता है.

क्या है सूर्य ग्रहण का समय

आज इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह सोमवार की रात 9:16 मिनट पर लगेगा और मंगलवार सुबह 2:34 मिनट तक रहेगा. हालांकि प्रमुख रूप से यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप के कुछ भागों में और उत्तर, पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा.

भारत पर क्या होगा असर

21 अगस्त 2017, सोमवार को होने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए सूर्य ग्रहण का सूतक भारत में मान्य नहीं होगा. भारत में रहने वाले लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा. लोगों को 21 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है.

अमेरिकी कंपनियों को होगा करोड़ों का नुकसान

ग्लोबल आउटप्लेसमेंट और कोचिंग फर्म चैलेंजर ‘ग्रे एंड क्रिसमस’ के अनुसार सूर्य ग्रहण के कारण अमेरिकी कारोबारियों को 694 मिलियन डॉलर यानी कि 4486 करोड़ की चपत लगेगी. यह आंकड़े ब्यूरो ऑफ लेबर स्टै‍टिस्ट‍िक्स ने जारी किए हैं.

बंद रहेंगे प्रोडक्शन सेंटर के ऑफिस

सूर्य ग्रहण के कारण अमेरिका में खासतौर से आईटी और प्रोडक्शन सेक्टर के ऑफिस बंद रहेंगे. इसलिए इस सेक्टर की कंपनियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है. वहीं, दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स को मुनाफा भी होगा. जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक, चॉकलेट, कॉफी, केक, स्नैक्स, आइस्क्रीम बनाने वाली कंपनियों का मुनाफा बढ़ सकता है. वहीं सूर्य ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मे की मांग बढ़ने के कारण चश्मे के कारोबारियों को लाभ हो सकता है.

सीबीएस न्यूज के अनुसार चैलेंजर, ग्रे के वाइस प्रेसिडेंट एंड्रयू चैलेंजर ने कहा कि यह निश्च‍ित तौर पर उत्पादकता का नुकसान है. पर इसका मतलब यह तो नहीं कि कुछ अच्छी चीजें नहीं हो सकतीं. यह कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करता है. अगर सूर्य ग्रहण देखकर कर्मचारी संतुष्ट रहें और उनका मनोबल ऊंचा रहे तो कंपनी इस नुकसान को भी मुनाफे में बदल सकती है.

पूर्ण सूर्य ग्रहण का अध्ययन करेंगे नासा के गुब्बारे

नासा आसमान में गुब्बारे भेजने के लिए अमेरिका में विद्यार्थियों की टीमों के साथ सहयोग कर रही है. यह कदम एक अत्यंत अनोखे एवं व्यापक ग्रहण अवलोकन अभियान का हिस्सा है. इस अभियान से पृथ्वी के अलावा जीवन के बारे में समझ बढ़ाने में मदद मिलेगी.

नासा के ‘इक्लिप्स बैलून प्रोजेक्ट’ की अगुवाई मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी की एंजेला डेस जार्डिन कर रही हैं. इसके तहत 50 से ज्यादा ऊंचाई तक जाने वाले गुब्बारे भेजे जाएंगे, जो 21 अगस्त के पूर्ण सूर्य ग्रहण के सजीव फुटेज अंतरिक्ष एजेंसी की वेबसाइट को भेजेंगे.

नासा की वेबसाइट पर देखा जा सकता है सूर्यग्रहण

नासा कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली के एमेस रिसर्च सेंटर के साथ कम कीमत के 34 गुब्बारे के प्रयोग के संचालन के लिए सहयोग करेगी. इन गुब्बारों को माइक्रोस्ट्रेट कहते हैं. ये धरती से परे जीवन की क्षमता का पता लगाएंगे. जार्डिन ने कहा, “इंटरनेट पर संजीव स्ट्रीमिंग से हम दुनियाभर के लोगों को ग्रहण को खास तरह से अनुभव करने का मौका दे रहे हैं, भले ही वे सीधे ग्रहण नहीं देख पाएं.”

वैज्ञानिक मान्यता

सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं. इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है. सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है.

कब होता है सूर्य ग्रहण

जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आ जाता है और फिर पृथ्वी के कुछ हिस्सों में सूर्य नहीं दिखाई देता है तो जिन हिस्सों में सूर्य नहीं दिखता है वहां सूर्य ग्रहण माना जाता है. जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं जब आंशिक रूप से चंद्रमा ढकता है तो उसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं.

क्या कह रहा है ज्योतिष

21 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव उन लोगों पर हो सकता है जिनकी राहु या केतु की महादशा या अंतरदशा चल रही है या जिनकी कुंडली में ग्रहण दोष है, जिनकी कुंडली में चंद्रमा पीड़ित है या जिनका कर्क लग्न है ऐसे लोगों को भी ये ग्रहण प्रभावित कर सकता है.

ज्योतिष के मुताबिक क्या करें उपाय

सूर्य ग्रहण का भारत में सिर्फ उन लोगों पर इसका असर दिखेगा, जिनकी कुंडली में राहु या केतु की महादशा या अंतरदशा चल रही है. यदि आपकी कुंडली में ग्रहण दोष है या राहु, केतु की दशा चल रही है तो ग्रहण के समय हवन करें और ग्रहण के समाप्त होने पर स्नान करके गरीबों को खाने-पीने की चीजें दान करें. यदि हवन की व्यवस्था नहीं बन पा रही है तो ग्रहण के दौरान ऊं नम: शिवाय का जाप अवश्य करें इससे आपको फायदा होगा.