जीएसएलवी मार्क3-डी2 के जरिए संचार उपग्रह जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण

शेयर करें:

भारत की अंतरिक्ष के क्षेत्र में सफलताओं की फेहरिस्त में बुधवार को एक और पन्ना जुड़ गया. इसरो ने अपने सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी मार्क3-डी2 के जरिए संचार उपग्रह जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण किया. इससे भारत के डिजिटल इंडिया अभियान को और मज़बूती मिलेगी. पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसरो को बधाई दी.

भारत ने अंतरिक्ष में एक नया सफल कदम बढ़ा दिया है, बुधवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, इसरो ने अपने सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी मार्क3-डी2 के जरिए संचार उपग्रह जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण किया. तीन हज़ार 423 किलोग्राम के इस उपग्रह में केयू और केए बैंड के संचार ट्रांसपोंडर्स लगे हैं जो देश के दूर-दराज के इलाकों खासकर जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व में संचार सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे.

पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसरो को बधाई दी और लिखा, “जीएसएलवी मार्क3-डी2 रॉकेट से उपग्रह जीसैट-29 के प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को बधाई, भारतीय रॉकेट से सबसे भारी उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित करने की दोहरी सफलता एक नया रिकॉर्ड है.”

वहीं इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने बताया कि ये उपग्रह भारत के डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत करेगा. इसरो के पांचवी पीढ़ी के रॉकेट जीएसएलवी मार्क3-डी2 ने सिर्फ 16 मिनट में ही उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित कर दिया.

अगले कुछ दिनों में उपग्रह को इसकी अंतिम जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. संचार ट्रांसपोंडर्स के अलावा उपग्रह में एक उच्च रेजोल्युशन का कैमरा और ऑप्टिकल संचार पेलोड्स भी मौजूद हैं. ये प्रक्षेपण जीएसएलवी मार्क-3 का दूसरा सफल प्रक्षेपण था, पहले प्रक्षेपण में इसके द्वारा 5 जून, 2017 को जीसैट-19 का प्रक्षेपण किया गया था और इस सफलता से भविष्य में भारत का अंतरिक्ष में पहला मानव युक्त मिशन और चंद्रयान दो मिशन के लिए इस रॉकेट की विश्वसनीयता भी बढ़ गई है.