Skip to content

हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई शुरू करने की पहल का मेडीकल कॉलेज के छात्रों ने किया स्वागत

इस ख़बर को शेयर करें:

जबलपुर । प्रदेश में हिन्दी में मेडीकल की पढा़ई को शुरू करने की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल का नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडीकल कॉलेज जबलपुर के चिकित्सा छात्रों ने स्वागत किया है तथा मध्यप्रदेश को हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बनने पर श्री चौहान को बधाई भी दी है।

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडीकल कॉलेज के छात्र आज रविवार को राजधानी भोपाल में हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई की शुरूआत पर आयोजित समारोह में देश के गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन को सुनने आये थे। मेडीकल कॉलेज के सभागार में इस समारोह का सीधा प्रसारण किया गया था।

कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, मेडीकल कॉलेज की डीन डॉ. गीता गुईन, अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा सहित मेडीकल कॉलेज के प्राध्यापक एवं वरिष्ठ चिकित्सक भी इस शुभ अवसर पर मौजूद थे। समारोह का सीधा प्रसारण देखने आये छात्रों ने कहा कि हिन्दी में चिकित्सा शिक्षा की शुरूआत एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे ऐसे प्रतिभावान छात्र भी जिनकी अंग्रेजी कमजोर है चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकेंगे।

चिकित्सा शिक्षा के छात्रों के साथ-साथ मेडीकल कॉलेज की डीन डॉ. गीता गुईन सहित कॉलेज के प्राध्यापकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुये हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई को सराहनीय पहल बताया और इसके लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को साधुवाद दिया।

उन्होंने हिन्दी में प्रकाशित एमबीबीएस पाठ्यक्रम की पुस्तकों के विमोचन को भी ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण बताया। मेडीकल कॉलेज के प्राध्यापकों ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा को बच्चो बेहतर ढंग से अंगीकार करेंगे। जो विद्यार्थी भाषा संबंधी समस्या के कारण मेडीकल की शिक्षा से वंचित रह जाते थे उन्हें अब कुंठा का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ गांव में शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों को मिलेगा।

हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई के शुभारंभ पर आयोजित समारोह के सीधा प्रसारण के दौरान पाठ्यक्रम को हिन्दी में प्रकाशित पुस्तकों के विमोचन पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा की शुरूआत पर छात्रों के चेहरों पर गर्व की झलक भी दिखाई दे रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर सरकार प्रतिबंध क्यों लगा रही है? दुनिया के सबसे गंदे इंसान’ अमो हाजी की 94 वर्ष की आयु में मृत्यु अनहोनी के डर से इस गांव में सदियों से नहीं मनाई गई दिवाली धनतेरस के दिन क्यों खरीदते हैं सोना-चांदी और बर्तन? पुराने डीजल या पेट्रोल वाहनों को रेट्रोफिटिंग करवाने से क्या होगा ?