कोरोनावायरस के खिलाफ युद्धस्तर पर उठाए जा रहे हैं कदम: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

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कोरोना के खिलाफ युद्धस्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं कदम, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर सबसे ज्यादा जोर, बनाए गए 10 समूह, विदेशों से मंगाए जा रहे है मास्क और वेंटीलेटर्स, 47 प्राइवेट लैब को जांच की इजाजत.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में कोरोना वायरस के 979 मामलों की पुष्टि हुई हैं और अब तक पच्‍चीस लोगों की मौत हो गई है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने चिकित्‍सीय आपात स्थिति प्रबंधन, अलग-थलग रखने के लिए बिस्‍तर और क्‍वारैंटीन सुविधा से जुड़े निर्देश देने के लिए दस सशक्‍त समूह गठित किए गए हैं।

अग्रवाल ने कहा कि इक्‍कीस दिन के लॉकडाउन के कारण कुछ व्‍यवहार संबंधी, मानसिक और स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े समस्‍याएं सामने आई हैं और नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्‍थ एंड न्‍यूरो साइंसेस ने परामर्श के लिए टोल फ्री नंबर 0 8 0 – 4 6 1 1 0 0 0 7 शुरू किया है। कोविड-19 के मरीजों के लिए विशेष ब्‍लॉकों और अस्‍पतालों के बारे में उन्‍होंने कहा कि अन्‍य मरीजों से उन्‍हें अलग रखने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

भारतीय चिकित्‍सीय अनुसंधान परिषद में प्रमुख वैज्ञानिक रमन गंगाखेडकर ने कहा कि आज तक लगभग पैंतीस हजार जांच की गई है। उन्‍होंने कहा कि एक सौ तेरह प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं और 47 निजी प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है।

गृह मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने कहा कि नियोक्‍ताओं को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे बंद की अवधि के दौरान कोई भी कटौती किए बगैर निर्धारित तारीख को कामगारों को पूरा वेतन दें और मकान मालिक इस अवधि का किराया न लें। उन्‍होंने यह भी कहा कि कागगारों को स्‍थान खाली करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।