सडक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आधुनिक उपकरण सेे लैस इंटरसेप्टर वाहन को SP सिद्धार्थ बहुगुणा ने दिखाई हरी झंडी

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पुलिस मुख्यालय से प्राप्त इंटरसेप्टर वाहन स्पीड रडार गन, इंफ्रारेड, जी.पी.एस. और स्पीड कैप्चरिंग कैमरे जैसे आधुनिक उपकरण सेे है लैस

जबलपुर। मध्यप्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुये पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रदेश के यातायात थानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं, इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय द्वारा मध्य प्रदेश के 33 जिलों को इंटरसेप्टर वाहन आवंटित किए गए हैं जिसमें एक इंटरसेप्टर वाहन जबलपुर जिले को भी आवंटित किया गया है।

सडक दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जबलपुर जिले को आवंटित किये गये आधुनिक उपकरणों से लैस इंटरसेप्टर वाहन को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात संजय कुमार अग्रवाल, की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया ।

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) ने बताया कि वाहन चलाते समय यदि सही तरीके से ट्राफिक नियमों का पालन किया जाये तो 50 प्रतिशत दुर्घटनाओं को टाला जा सकता हेै। हम हमेशा यातायात नियमों की जानकारी रखते हुये भी अनदेखी करते हैं, जैसे कि हम जानते हैं कि वाहन को तेज नहीं चलाना चाहिये लेकिन हम फिर भी वाहन तेज चलाते हैं, वाहन चलाते समय हैल्मेट एवं सीट बैल्ट नहीं लगाते हैं, जबकि सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या, हत्या व अन्य कारणों से मारने वालो की संख्या की तुलना मे काफी अधिक होती है, फिर भी हम यातायात के नियमों के प्रति वाहन चलाते समय लापरवाही बरतते हैं। जबलपुर जिले को प्रदाय इंटरसेप्टर वाहन निश्चित ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में उपयोगी साबित होगा।

इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक यातायात मधुकर चौकीकर एवं पंकज परमार, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय/नगर पुलिस अधीक्षक गढा तुषार सिंह, रक्षित निरीक्षक जबलपुर सौरभ तिवारी ,निरीक्षक यातयात हेमंत बरहैया, एवं श्रीमति पल्लवी पाण्डे सूबेदार मोहन सिंह, अमित शिववंशी, रोहित तिवारी, मलिक प्यासी उपस्थित थे। उक्त वाहन के संचालन हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जबलपुर यातयात थाने में पदस्थ सूबेदार अमित शिववंशी, एवं सूबेदार रोहित तिवारी, को प्रशिक्षित किया गया है।

आधुनिक उपकरण से है लैस इंटरसेप्टर वाहन

जिले को आवंटित इंटरसेप्टर वाहन में स्पीड रडार गन, ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र, काली फिल्म रीडर मीटर (टीन्ट मीटर) , जी.पी.एस., ब्रीथ एनेलाईजर, लगा हुआ है। उक्त लगे उपकरणों की मदद से इंटरसेप्टर वाहन तेज गति से चलने वाले ओवर स्पीड वाहनों, बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग सवारी पर नजर रख सकता हैं, तथा ऐसे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ सकता है, एवं वाहनों की नियम विरुद्ध गतिविधियों को वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है, एवं वाहन में उपलब्ध प्रिंटर द्वारा वाहन से संबंधित स्पीड, नंबर प्लेट, वाहन की तस्वीर सारी जानकारी को प्रिंट कर सकता है, जिसे आवश्यक होने पर जुर्माने हेतु कोर्ट में भी वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।