एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने किया थाना कटंगी का औचक निरीक्षण, दिये आवश्यक दिशा निर्देश

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“थानों के निरीक्षण के दौरान एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा में एक खासियत है जो उनकी अलग पहचान बनती है”

जबलपुर। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने किया थाना कटंगी का औचक निरीक्षण करते हुये ग्राम अपराध पुस्तिका एवं एम.एल.सी. आदि को चैक करते हुये लगायी गयी टीपों का अवलोकन किया तथा थाना प्रभारी कटंगी राकेश तिवारी सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सी.एम. हैल्प लाईन से सम्बंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा महिलाओं, बच्चों, वृद्धों एवं समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशील रहते हुये इनके द्वारा की गयी शिकायतों पर तत्काल विधिसंगत कार्यवाही करते हुये राहत पहुचंाये, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहंी होना चाहिये, आपके द्वारा की गयी कार्यवाही निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रकरणों में पीड़ित को तत्काल राहत राशि दिलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

इन कार्यवाही हेतु किया गया है आदेशित

इसके साथ ही आपके द्वारा थाने मे लंबित 363 भादवि के प्रकरणो की समीक्षा की गयी एवं गुम अवयस्क बालक / बालिका की दस्तयाबी के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये तथा अवैध उत्खनन एवं परिवहन, राशन एवं यूरिया की काला बाजारी करने वालों तथा मिलावटखोरों, भू-माफियाओं / चिटफंड कंपनी के कारोबारियों एवं सूदखोरों तथा संगठित जुआ सट्टा खिलाने वालों, अवैध शराब एवं मादक पदार्थ तथा नशीले इंजेक्शन के कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों को चिन्हित करते हुये सभी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया।

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा में ये है खासियत

विभाग का मुखिया होने के नाते एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा अपने विभाग के कर्मचारियों व उनके परिवार का भी ध्यान रखते है। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा को अक्सर ये पाएंगे कि किसी भी थाना निरीक्षण के दौरान आखिर में वे अपने स्टाफ से उनके परिवार की किसी भी परेशानी व दिक्कत को पूछना नहीं भूलते। एक वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते वे ये बात बहुत अच्छे से समझते है की इससे उनके कर्मचारी को कितना आत्मबल मिलता होगा। क्योंकि पुलिस की नौकरी जितनी आसान समझी जाती है उतनी होती नहीं है। एक कर्मचारी अपने परिवार को कितना समय दे पाता है यह बात वो अच्छी तरह समझते है। इसीलिए तो वे अंत में अपने स्टाफ से पूंछ बैठते है – “आपके परिवार को कभी भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं है ? अगर होती है तो नि:संकोच मुझे बताएं, पूरा पुलिस विभाग आपके साथ है“। इस तरह अपने कप्तान को फेमिलियर रूप में पाकर समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल जरूर बढ़ता होगा।