ध्वनि विस्तारक यंत्र प्रतिबंधित

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शहडोल @ जिला निर्वाचन अधिकारी अनुभा श्रीवास्तव ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन 2018 के कार्यक्रम की घोषणा के पश्चात् ध्वनि विस्तारक यंत्रो पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जारी आदेश में कहा गया है ऐसा अनुभव किया जा रहा है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रो का बहुत ही दुरूपयोग हो रहा है। जिससे व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इन तत्थो से यह तुष्टि की हो गई है कि शांत वातावरण कायम रखने के लिए शहडोल जिले मे उपयुक्त वैधानिक प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। उक्त प्रतिबंध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 7 एवं 10(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियो का उपयोग करते हुये मै अनुभा श्रीवास्तव कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला शहडोल म.प्र. शहडोल जिला क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से विधान सभा निर्वाचन 2018 के परिणाम घोषित होने तक के लिए रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।

(ध्वनि प्रदुषण विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधनो के तहम संबंधित व्यक्यि राजनीतिक दल ध्वनि निस्तारक का उपयोग 1/4 वाल्युम में ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि मानक 10 डेसिमल से अनाधिक) प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक अनुमति उपरांत प्रयोग कर सकेगा। जो कोई इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा या उल्लंघन करने का प्रयास करेगा या उल्लंघन किए जाने का दुष्प्रेरण करेगा उसके विरुद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15 (1) के अधीन न्यायालयीन कार्यवाही की जाएगी। ऐसा व्यक्ति 6 माह तक के कारावास 01 हजार रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों के दंड का भागी होगा।

विशिष्ट परिस्थितियों में भी विभिन्न क्षेत्रों में उपरोक्त अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत लिखित आवेदन पर अनुमति प्रदान करने हेतु मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अधीन विनिर्दिष्ट शर्तो के साथ अनुमति प्रदान करने के लिए अनुभाग अंतर्गत संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी को विहित प्राधिकारी के रूप में सशक्त किया जाता है। अनुमति की सूचना संबंधित थानों में आवश्यक रूप से दी जाए। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।