Skip to content

सिहंस्थ: एकादशी पर आज पहला पर्व स्नान

इस ख़बर को शेयर करें:
उज्जैन।
सिंहस्थ का पहला पर्व स्नान आज मंगलवार को वरुथिनी एकादशी पर सम्पन्न हुआ । स्नान
पर्व के लिए शिप्रा के घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया-संवारा गया है। घाटों पर
पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के वाहनों को निकटतम पार्किंग स्थलों तक जाने की
सुविधा दी गई।जबकि सिंहस्थ की शुरुआत 22 अप्रैल को पहले शाही स्नान के साथ हो चुकी
है। पहला पर्व स्नान आज मंगलवार को हुआ । पर्व स्नान पर देशभर से श्रद्धालुओं का
आना जाना लगा है।
वहीं,पुलिस
अधिकारियों का कहना है कि मेले में लगातार भीड़ बढ़ रही है। रविवार और सोमवार को
मेले में पंचक्रोशी श्रद्धालुओं की भीड़ के अलावा मालवांचल से आए पांच लाख
श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। सोमवार को भी मेले में श्रद्धालुओं की संख्या
करीब सात लाख आंकी गई है। मंगलवार को मेले और शहर में रह रहे साधु-संत और
श्रद्धालुओं और नागरिकों के अलावा बाहरी श्रद्धालुओं की संख्या भी पांच लाख से
ज्यादा हो गई है।
पर्व
स्नान का महत्व
आज
मंगलवार को वरुथिनी एकादशी है। एकादशी का स्नान श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए होता
है। उज्जैन का सिंहस्थ हरि-हर का मेला कहा जाता है,
यानी शिव और विष्णु के उपासक मेले में आते हैं।
सिंहस्थ के एकादशी पर पर्व स्नान से सिंहस्थ के कल्पवास का अखंड पुण्यफल मिलता है।’ (जैसा
पं. उपेन्द्र कुमार शास्त्री ने बताया)
इन
मार्गों पर पार्किंग स्थान व घाट
मक्सी-देवास-इंदौर
रोड :पार्किंग भूखी माता, क्षमता-20 हजार वाहन, घाट
की दूरी- 600 मीटर। बड़नगर-उन्हेल-आगर रोड : पार्किंग रणजीत हनुमान व जूना
सोमवारिया, क्षमता- 18 हजार वाहन, घाट
की दूरी- 500 मीटर। सांवराखेड़ी में 20 हजार से ज्यादा वाहन खड़े किए जा सकते हैं।
घाटों के नजदीक छोटे पार्किंग स्थान भी हैं। देवासरोड, इंदौर
रोड और मक्सीरोड से आने वाले श्रद्धालु त्रिवेणी पर स्नान कर सकते हैं, जहां
पार्किंग और स्नान की सुविधा है।
दूसरा
शाही स्नान तड़के 4 से

पहली
बार सिंहस्थ के शाही स्नान का समय बदल दिया है। 9 मई को होने वाला दूसरा शाही
स्नान अब तड़के 4 बजे से शुरू हो जाएगा। स्नान के लिए अखाड़ों को अब 30 मिनट की
जगह एक घंटे का समय मिलेगा। अनुमानत: दोपहर 12 बजे तक सभी तेरह अखाड़े स्नान कर
लेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट खोल दिए जाएंगे।
अभा अखाड़ा परिषद ने सोमवार को शाही स्नान का नया समय चक्र (टाइम टेबल) तय किया।
यह समय चक्र मेला प्रशासन को सौंपा जाएगा। रविवार को मेला कार्यालय में हुई अखाड़ा
परिषद पदाधिकारियों ने पहले शाही स्नान में हुई अव्यवस्थाओं का हवाला देते हुए
सुझाव दिया था कि अखाड़ों का शाही स्नान सुबह 6 की बजाए तड़के 4 बजे से होना
चाहिए।