सोने से भी अधिक कीमती चीज है इको वैन के साइलेंसर, यदि आपके पास भी इको गाड़ी है तो जरा संभाल के रखियेगा

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गाड़िया चोरी होती हे ये तो सुना था पर अब गाड़ी का साइलेंसर भी चोरी होता हे। पिछले सप्ताह गुजरात के अहमदाबाद में Eeco वैन के रूप में गाड़ी चोरों के हाथ ‘जैकपॉट’ लग गया है। इस गाड़ी के साइलेंसर के लिए बीते कुछ दिनों में बड़ी संख्या में चोरों ने हाथ साफ किया है। हालात यह है कि हफ्ते भर के अंदर 21 लाख रुपये कीमत के साइलेंसर चोरी हो गए। चोरों की निगाहें सोने से भी अधिक कीमती चीज पर रहती है।

एक हफ्ते में 33 मारुति इको वैन के साइलेंसर गायब होने पर पुलिस को ऐसे कई सवाल थे, जो परेशान कर रहे थे की चोर साइलेंसर की चोरी करते क्यो है?

अहमदाबाद के दो बड़े कार डीलरों- सानाथल में किरन मोटर्स और बकरोल में पॉपुलर मारुति सुजुकी मोटर्स के स्टॉकयार्ड्स में हुई इस घटना से पुलिस हैरान-परेशान रह गई। आखिर ये साइलेंसर जाते कहां हैं?  इनमें ऐसा क्या है कि चोरों के लिए यह जैकपॉट बन गए हैं? ऐसे कई सवाल थे, जो पुलिस को परेशान कर रहे थे। लेकिन जब गुत्थी सुलझी तो बेहद खास वजह से पर्दा उठ गया, जिसके कारण मारुति इको वैन के साइलेंसर चोरी हो रहे थे।

इको वैन के साइलेंसर की कीमत करीब 57 हजार 272 रुपये होती है। चोरों ने इन दो कार स्टॉकयार्ड से कुल 20 लाख 59 हजार रुपये कीमत के साइलेंसर्स की चोरी की। पुलिस तफ्तीश में लगी हुई थी कि आखिर ये चोर इन साइलेंसर्स का करते क्या हैं।

 

साइलेंसर में सोने से भी कीमती मेटल डस्ट पर निगाह

साइलेंसर में कैटेलिटिक कन्वर्टर लगा होता है, जो कि प्लेटिनम ग्रुप ऑफ मेटल्स (PGM) का बना होता है। प्लेटिनम, पैलेडियम और रोडियम को संयुक्त तौर पर PGM कहा जाता है। इनकी कीमत सोने से भी अधिक होती है। ​हैवी इंडस्ट्री में बिकते हैं मेटल, चोर बाजार में सेंसर चोरी करने के बाद इन मेटल डस्ट को सूरत और अहमदाबाद जैसी जगहों पर हैवी इंडस्ट्री को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार 10 ग्राम मेटल डस्ट की कीमत 3 हजार से लेकर 6 हजार रुपये तक की होती है।

साथ ही सेंसर भी भारत से बाहर से आता है, जिसकी कीमत 10 हजार रुपये करीब होती है। ​बड़ी तादाद में चोरी के बाद सतर्क हुई पुलिस पिछले काफी दिनों से यह खेल चालू था। चोरी की एक-दो घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन बड़ी तादाद में चोरी होने पर पुलिस के पास शिकायत की गई, जिसके बाद चोर हत्थे चढ़े।

इसी वजह से साइलेंसर की चोरी होती है। क्योंकि चोर को एक बार चोरी कर लेने के बाद पकड़े जाने का कोई डर नही होता। PGM को चोर हैवी इडस्ट्रीज को बेच देते है। यदि आपके पास भी इको गाड़ी हे। तो जरा संभाल के रखिये गा। कही आपके गाड़ी का भी साइलेंसर चोरी ना हो जाए।