केंट बोर्ड के गैरजिम्मेदाराना रवैया पर शिवसेना ने जताई आपत्ति, RTI की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां

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जबलपुर। केंट बोर्ड अध्यक्ष के नाम ज्ञापन ऑफिस सुपरिटेंडेंट सरोज विश्वकर्मा को निम्न मांगे कर कार्यवाही की अपेक्षा के साथ सौंपा गया जिसमें कन्हैया तिवारी ने बताया कि- एक अक्टूबर 20 को मेरे निवासरत मकान की कोर्ट को गुमराह करने हेतु जबलपुर केंट बोर्ड उपाध्यक्ष के जवाब में मकान नं 847,16 नं गली सदर जबलपुर में सलंग्न GLR की गलत जानकारी दी है जोकि केंट बोर्ड इंजीनियर पलाश श्रीवास्तव द्वारा मेरे प्रति दुर्भावना पूर्वक एवं ंमेरी स्वच्छ छवि को धूमिल करने की नीयत से गलत जवाब दिया है इनके अयोग्यता को दर्शाते हुए न्याय संगत भी नहीं है ।

उपरोक्त परिस्थितियों में ऐसा प्रतीत होता है कि इन्होंने उक्त प्रकरण प्रकरण पर बिना सही अवलोकन या जांच कर अपने शासकीय पद का दुरुपयोग किया है इसलिए इन्हें तत्काल निलंबित कर इनकी विभागीय जांच की जाये । जबकि मकान नंबर 847 गली नंबर 16 सदर GLR में दर्ज है एवं आज दिनांक तक कोई भी धारा 247 48 का नो/ें उसी अवैध बताना इनकी इनके पद पर अयोग्यता दर्शाता है।

केंट इंजीनियर पलाश श्रीवास्तव की भर्ती की पूर्णता अवैध है रोस्टर प्रणाली से तय की जानी थी एवं यहां पद एससी SC के लिए तथा परंतु ओबीसी OBC को दिया जाना पूर्णतः अवैधानिक है उपरोक्त प्रकरण की जांच किया जाना अति आवश्यक है यह सीबीआई CBI जांच का विषय है।

RTI सूचना के अधिकार में सामान्य नागरिक को जानकारी नहीं दी जाती और हीला हवाली की जाती है जो कि इस 6 कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं और इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती अतः हमें एवं सामान्य नागरिकों को भी सूचना के अधिकार में जवाब समयावधि में दिया जाऐ ।

दोषी एवं अपने पद पर असंवैधानिक तरीके से अधिकारी पलाश श्रीवास्तव पर सख्त कार्रवाई करें और कहा इन घटनाओं से छावनी परिषद की छवि धूमिल हो रही है,इसी प्रकार सदर मेन रोड में अवैध तरीके से दुकानें बनाई जा रही हैं उन पर भी कार्रवाई करें उन्होंने आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही जांच कर अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित करेंगे।

जबलपुर केंट बोर्ड का गैरजिम्मेदाराना रवैया पर शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता कन्हैया तिवारी ने आवाज उठाते हुए कैंट बोर्ड के इंजिनियर पलाश श्रीवास्तव द्वारा अयोग्यता वह भर्राशाही और पार्षद व केंट बोर्ड उपाध्यक्ष के दबाव का प्रत्यक्ष नमूना बताया है। आगे कहते है – “ये अपनी कुर्सी जो कि गलत तरीके से प्राप्त की उसे बचाने किसी भी हद तक जा सकते हैं और उनके इस कृत्य पर कदम से कदम मिलाकर केंट सीईओ सुब्रत पॉल और अधिकारियों का भी यही हाल है ,सब नियमों को कचरे की टोकरी में फेंक कर अपनी नौकरी दांव पर लगा कर इनका साथ कंधे से कंधा मिलाकर देते हैं आखिर घोटाले जो करने हैं । केंट की जनता चक्कर काटते रहती हैं सही को सही कराने और सुनवाई कहीं नहीं खैर जब घूस देकर भर्ती हुए हैं ये अधिकारी तो इनसे योग्यता की अपेक्षा कैसे की जा सकती है और जो अधिकारी इन्हें इनके नियम विरुद्ध कार्य में मना कर देता है उसके साथ मारपीट की जाती है भय का वातावरण बनाया जाता है। जो आये दिन हम सुनते रहते हैं और लोगों को RTI का जवाब नहीं दिया जाता सूचना के अधिकार के कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं और GLR के मकान को अवैध बताया जाता है और शासन प्रशासन मौन रहकर स्वीकृति प्रदान करता रहता है और तो और क्षेत्रीय विधायक और सांसद भी केंट की जनता पर अत्याचार होते दृष्टराष्ट्र की तरह केंट एक्ट की धज्जियां उड़ते देख रहे हैं। जनता को सूचना के अधिकार में जवाब सालों नहीं मिलता और यहां पार्षद महोदयों को बैक डेट पर सात दिन में जवाब दिया जाता है अब आप स्वयं ही आंकलन करें, क्या सही क्या गलत ।

ज्ञापन सौंपने में ये थे उपस्थित
शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने वालों में कन्हैया तिवारी, रवि बैन, शैलेंद्र बारी, भवानी शंकर सतनामी, रवि शंकर वर्मा, संदीप सोनी, नितिन मोनू तिवारी, नंदकिशोर राजपूत, नंदू भैया,मनोज पासवान, अतुल कनौजिया, राकेश सोनकर, आशीष सोनकर, नीरज तिवारी, तरुण महावर,प्रशांत चौरसिया, राजदीप कौर, हिमांशु त्रिपाठी, ब्रह्मा चौधरी, शैलेंद्र राव पप्पू, नीलम,सरिता पटेल इत्यादि शिवसैनिक उपस्थित थे। ज्ञापन की प्रति राजनाथ सिंह जी रक्षा मंत्री भारत सरकार, जीओसी इन सी, सेंट्रल कमांड लखनऊ एवं केंट सीओ सुब्रत पाल को भी प्रेषित की गई।